दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के अलगाववादी नेता यासीन मलिक ने अपनी पत्नी मुशाल मलिक से अलग होने का फैसला किया है. श्रीनगर की टाडा/पोटा कोर्ट में दायर 25 पेज के निजी हलफनामे में यासीन मलिक ने लिखा है कि वह नहीं चाहता कि मुशाल अपनी जिंदगी एक विधवा की तरह बिताए. उसने लिखा, "तुम मुझसे 20 साल छोटी हो. फांसी पर चढ़ने से पहले, मैं तुम्हें निकाह के बंधन से आजाद करने का फैसला करता हूं ताकि तुम सम्मान और उम्मीद के साथ नई जिंदगी शुरू कर सको."
यासीन मलिक वर्तमान में मुख्य रूप से टेरर फंडिंग (आतंकी वित्तपोषण) के मामले में तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा भुगत रहा है. हलफनामे में उसने अपनी तुलना नेल्सन मंडेला से भी की है. इसके अलावा, उस पर 1990 में भारतीय वायुसेना के जवानों की हत्या और कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट की हत्या सहित कई अन्य गंभीर मामले भी लंबित हैं.
हाल ही में स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) ने 1990 के सरला भट्ट अपहरण और हत्या मामले में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें यासीन मलिक को आरोपी बनाया गया है. हालांकि, उसने अपने हलफनामे में इस मामले में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है और इसे खुद के खिलाफ एक साजिश बताया है. उसने कहा कि वह इस मामले के ट्रायल में हिस्सा नहीं लेगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसने अपराध स्वीकार कर लिया है, वह मौत की सजा के लिए तैयार है.
यासीन मलिक और मुशाल हुसैन की पहली मुलाकात 2005 में पाकिस्तान में हुई थी, जब यासीन कश्मीर मुद्दे पर समर्थन जुटाने इस्लामाबाद गया था. वहां एक कार्यक्रम के दौरान दोनों की मुलाकात हुई और बातचीत बढ़ी. बाद में दोनों के परिवारों की सहमति से 2009 में उनका निकाह हुआ. दोनों की उम्र में लगभग 20 साल का अंतर है और उनकी एक 13 साल की बेटी रजिया सुल्ताना है.