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India Daily

Pahalgam Terror Attack: LOC के पास पाकिस्तानी एयर मूवमेंट तेज, भारत में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; बड़ी साजिश की आशंका?

Pahalgam Attack: पहलगाम में हुए हमले के बाद, सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के लाहौर और रावलपिंडी के निकट अपने सैन्य ठिकानों पर विमानों की आवाजाही की चर्चा तेज हो गई है. कई यूजर्स ने फ्लाइट ट्रैकिंग साइट के स्क्रीनशॉट साझा किए हैं.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma
Pahalgam Terror Attack: LOC के पास पाकिस्तानी एयर मूवमेंट तेज, भारत में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट; बड़ी साजिश की आशंका?
Courtesy: Social Media

Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले के बाद, सोशल मीडिया पर पाकिस्तान द्वारा सीमा के पास अपने हवाई ठिकानों पर सैन्य गतिविधियां तेज करने की खबरों ने हलचल मचा दी है. कई यूजर्स ने फ्लाइटराडार24 जैसे फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म से स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं, जिनमें पाकिस्तान एयरफोर्स के विमान कराची से उड़ान भरकर लाहौर और रावलपिंडी के करीब उतरते नजर आ रहे हैं.

दो विमान सबसे ज्यादा चर्चा में

इन स्क्रीनशॉट्स में दो खास फ्लाइट्स का जिक्र किया गया है-

  • PAF198 - लॉकहीड C-130E हरक्यूलिस, जो भारी सैन्य सामान ले जाने के लिए इस्तेमाल होता है.
  • PAF101 - एम्ब्रेयर फेनोम 100 जेट, जो आमतौर पर VIP या खुफिया अभियानों में प्रयोग होता है.

बता दें कि ये उड़ानें पाकिस्तान के उन उत्तरी एयरबेस की ओर जाती दिखीं जो भारत की सीमाओं के बेहद करीब हैं, खासकर रावलपिंडी का PAF बेस नूर खान, जो एक प्रमुख ऑपरेशनल बेस है.

Pakistan military preparations
पहलगाम हमला 
Pakistan military preparations
पाकिस्तान सैन्य तैयारी

अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं

इन तमाम दावों के बावजूद, पाकिस्तान सरकार या वायु सेना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से भी इस संबंध में पुष्टि नहीं की गई है.

गौरतलब है कि 2019 में पुलवामा हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी. ऐसे में पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानी सैन्य हलचल को लेकर संदेह और रणनीतिक सतर्कता दोनों बढ़ गई हैं.

पहलगाम हमला दर्दनाक

बताते चले कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के बैसरन में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अचानक फायरिंग की, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई. इस हमले की जिम्मेदारी 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने ली है, जो लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है.