नई दिल्ली: देश में वन नेशन, वन इलेक्शन की चर्चा सियासी तौर पर चर्चा के केंद्र में बना हुआ है. केंद्र सरकार ने वन नेशन, वन इलेक्शन पर कमेटी का गठन कर दिया है. सरकार के फैसले को लेकर ओवैसी ने बड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है.
"बहुदलीय संसदीय लोकतंत्र के लिए विनाशकारी"
ओवैसी ने ट्विटर पर एक कॉपी की फोटो शेयर करते हुए लिखा है कि "यह उस समिति की नियुक्ति की अधिसूचना है जो वन नेशन वन इलेक्शन के मामले को देखेगी. यह स्पष्ट है कि यह महज एक औपचारिकता है और सरकार पहले ही इसे आगे बढ़ाने का फैसला कर चुकी है. एक राष्ट्र एक चुनाव बहुदलीय संसदीय लोकतंत्र और संघवाद के लिए विनाशकारी होगा.''
अपने ट्टीट में ओवैसी ने कहा कि “आगामी राज्यों के चुनावों के कारण मोदी को गैस की कीमतें कम करनी पड़ीं. वह एक ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं जहां अगर वह चुनाव जीतते हैं तो अगले पांच साल बिना किसी जवाबदेही के जनविरोधी नीतियों को आगे बढ़ा सकें”
Modi government has downgraded the High Office of President of India by appointing a Former President to head a Government Committee.
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) September 3, 2023
Why has a former Rajya Sabha LOP been included?
पूर्व राज्यसभा LOP को शामिल क्यों किया गया?
ओवैसी ने अपने अगले ट्वीट में लिखा कि "मोदी सरकार ने एक पूर्व राष्ट्रपति को इस समिति का प्रमुख नियुक्त करके भारत के राष्ट्रपति के उच्च पद का दर्जा कम कर दिया है" ओवैसी ने गुलाम नबी आजाद का नाम लिए बगैर लिखा कि "एक पूर्व राज्यसभा एलओपी को क्यों शामिल किया गया है?
"समिति के सदस्यों के पास सरकार समर्थक विचार"
ओवैसी ने अपने अगले ट्वीट में आगे लिखा कि “समिति के अन्य सदस्यों के पास साफ तौर पर सरकार समर्थक विचार हैं. जो उनकी बार-बार की गई सार्वजनिक टिप्पणियों से स्पष्ट होते है. ऐसे किसी भी प्रस्ताव के कार्यान्वयन से पहले भारत के संविधान के कम से कम पांच अनुच्छेदों और कई वैधानिक कानूनों में संशोधन करना होगा”
वन नेशन-वन इलेक्शन के मुद्दे पर विपक्ष का नहीं मिल रहा साथ
सियासी गलियारों में सुगबुगाहट है कि मोदी सरकार संसद के विशेष सत्र के दौरान वन नेशन, वन इलेक्शन का बिल ला सकती है. सरकार के इस कदम का विपक्ष की तमाम पार्टियों ने कड़ा विरोध जताया है. कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने इस कमेटी का हिस्सा नहीं बनने को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है. अधीर रंजन ने कहा है कि मुझे उस समिति में काम करने से इनकार करने में कोई झिझक नहीं है. मुझे डर है कि यह पूरी तरह से धोखा है.
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सरकार ने गठित की आठ सदस्यीय कमेटी
देश में वन नेशन, वन इलेक्शन कमेटी को लेकर केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति बनाई गई है. इस कमेटी में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कमेटी के चेयरमैन होगे. वहीं समिति में सदस्य गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी, पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद, वित्त आयोग के पूर्व चेयरमैन एनके सिंह, वरिष्ठ संविधानविद सुभाष सिंह कश्यप और देश के जाने माने वकील हरीश साल्वे और पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त संजय कोठारी होंगे.
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