menu-icon
India Daily

Operation Sindoor: सेना ने बनाई आतंकियों की हिटलिस्ट, 6 का खात्मा, 8 का जल्द होगा काम तमाम

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस ऑपरेशन के दौरान जम्मू-कश्मीर में सक्रिय 14 स्थानीय आतंकियों की एक हिटलिस्ट तैयार की थी, जो पाकिस्तानी आतंकियों को स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक सपोर्ट, ठिकाने और अन्य सहायता प्रदान करते थे. इस सूची में शामिल 6 आतंकी अब तक मारे जा चुके हैं.

auth-image
Edited By: Gyanendra Sharma
kashmir army
Courtesy: Social Media

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था. इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान चली गई, जिसमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था. इस बर्बर हमले के जवाब में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया, जिसने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की कमर तोड़ दी. इस ऑपरेशन के तहत न केवल पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया गया, बल्कि 100 से अधिक आतंकियों को ढेर किया गया, जिनमें कई हाई-प्रोफाइल आतंकी शामिल थे.

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस ऑपरेशन के दौरान जम्मू-कश्मीर में सक्रिय 14 स्थानीय आतंकियों की एक हिटलिस्ट तैयार की थी, जो पाकिस्तानी आतंकियों को स्थानीय स्तर पर लॉजिस्टिक सपोर्ट, ठिकाने और अन्य सहायता प्रदान करते थे. इस सूची में शामिल 6 आतंकी अब तक मारे जा चुके हैं. इनमें पुलवामा एनकाउंटर में ढेर हुए आमिर नजीर वानी, यावर अहसान बट्ट और आसिफ अहमद शेख, साथ ही शोपियां में मारे गए शाहिद कुट्टे (लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर), अदनान शाफी और अहसान उल हक शेख शामिल हैं. इन आतंकियों के खात्मे ने पुलवामा और शोपियां जैसे संवेदनशील जिलों में आतंकी गतिविधियों को लगभग ठप कर दिया है.

बचे 8 आतंकियों की तलाश में युद्ध स्तर पर अभियान

सुरक्षा बलों की नजर अब बचे हुए 8 शीर्ष आतंकियों पर टिकी है, जिनकी पहचान सटीक खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर की गई है. ये आतंकी जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने और पाकिस्तानी आतंकियों को सहायता प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इनकी तलाश के लिए सुरक्षाबल युद्ध स्तर पर अभियान चला रहे हैं. हालांकि, इन 8 आतंकियों के नाम और ठिकानों की जानकारी को अभी गोपनीय रखा गया है, ताकि ऑपरेशन की गोपनीयता और प्रभावशीलता बनी रहे.

सूत्रों के अनुसार, ये आतंकी मुख्य रूप से लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े हैं. ये आतंकी घाटी में छिपे हुए हैं और स्थानीय स्तर पर नेटवर्क बनाकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देते हैं. इनके ठिकानों का पता लगाने के लिए ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और ह्यूमन इंटेलिजेंस का व्यापक उपयोग किया जा रहा है. सुरक्षा बलों ने श्रीनगर, अनंतनाग, बारामूला और कुपवाड़ा जैसे क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन को और तेज कर दिया है.

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता

ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त प्रयासों ने अभूतपूर्व सफलता दिलाई. इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के बहावलपुर, मुरीदके, गुलपुर, भिंबर, चाक अमरू, बाग, कोटली, सियालकोट और मुजफ्फराबाद जैसे आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. भारतीय वायुसेना ने सटीक मिसाइल हमलों और प्रिसिशन म्यूनिशन का उपयोग कर इन ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया. इस कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद के यूसुफ अजहर (IC-814 अपहरण का मास्टरमाइंड), अब्दुल मलिक रऊफ, मुदस्सर अहमद, खालिद उर्फ अबू आकाशा, हाफिज मोहम्मद जमील और मोहम्मद हसन खान जैसे कुख्यात आतंकी मारे गए.

भारतीय सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकवादियों और उनके समर्थकों को करारा जवाब देना था. उन्होंने कहा, "हमने 21 आतंकी ठिकानों की पहचान की थी, जिनमें से 9 पर कार्रवाई की गई. जरूरत पड़ने पर बाकी ठिकानों पर भी कार्रवाई होगी."