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कश्मीर में फिर शुरू आतंक का खूनी खेल, अनंतनाग से शोपियां तक हमला, 2019 से अब तक क्या बदला?

जब भी लगता है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर घाटी में सब कुछ सामान्य हो गया है, तब अचानक ससे कहीं हमला होता है और परिस्थितियां भयावह हो जाती हैं.

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India Daily Live
Jammu and Kashmir
Courtesy: Social Media

कश्मीर (Kashmir) घाटी एक बार फिर टार्गेट किलिंग (Target Killing) से थर्रा उठी है. बारामुला लोकसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार जैसे ही थमा, दक्षिण कश्मीर में एक के बाद एक दो आतंकवादी हमले हुए. जयपुर के एक कपल पर आतंकियों ने गोली बरसा दी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. भारतीय जनता पार्टी के एक पूर्व सरपंच पर भी गोलियां बरसाई गईं, जिसके बाद उन्होंने मौके पर दम तोड़ दिया. एक बार फिर साबित हो गया कि कश्मीर में आतंकी सक्रिय हैं, जिनका पूरी तरह से अब तक खात्मा नहीं हुआ है.

श्रीनगर में बीते 3 दशक में सबसे ज्यादा 38 फीसदी मतदान हुए. मतदान शांतिपूर्ण हुए लेकिन उसके बाद का अंजाम बहुद बुरा हुआ. बारामूला में 20 मई को वोटिंग है, उससे पहले ही यह घाटी थर्रा हुई है. अनंतनाग में 25 मई को वोटिंग होने वाली है. वोटिंग से पहले थर्राती घाटी ने जो इशारा किया है, वह डराने वाला है.

किस बीजेपी नेता की हुई है हत्या?
शोपियां जिले के हुरपुरा गांव में पूर्व सरपंच और बीजेपी नेता एजाज अहमद शेख को गोली मारी गई है. अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ दिया. घायल होने के बाद सरपंच को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. जयपुर क तबरीज और फरहा पर अनंतनाग के यन्नार जिले में गोलियां बरसाई गईं. कपल, गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चल रहे हैं.

हमले पर क्या बोल रही हैं पार्टियां?
नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी और बीजेपी सहित जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों ने हमलों की निंदा की. पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, अनंतनाग-राजौरी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं. उन्होंने X पर पोस्ट किया, 'हम आज पहलगाम में हुए हमले की निंदा करते हैं, जिसमें दो पर्यटक घायल हो गए.' नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला ने भी आतंकवादी हमलों की निंदा की.
 
BJP ने कहा, 'हम दक्षिण कश्मीर के शोपियां के हिरपोरा में आज आतंकवादियों द्वारा पूर्व सरपंच ऐजाज अहमद शेख की हत्या की कड़ी निंदा करते हैं. एजाज अहमद जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक बहादुर सिपाही थे. भाजपा इस आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले एजाज अहमद के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है.'

कश्मीर में नहीं थम रही टार्गेट किलिंग?
बीते महीने भी कश्मीर में एक सरकारी कर्मचारी को गोली मारी गई थी. उन्हें अज्ञात हमलावर गोली मारकर फरार हो गए थे. वहीं 17 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों ने बिहार के एक प्रवासी श्रमिक की गोली मारकर हत्या कर दी थी. 5 अगस्त 2019 के बाद से ही दावे किए जा रहे हैं कि कश्मीर में सब  सामान्य हैं, लेकिन वहां के हालात के बारे में ये झड़पें अलग ही इशारा कर रही हैं.