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India Daily

बिजली महंगी करने पर उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान, बोले- ‘मजबूरी थी’; कश्मीरी पंडितों की धमकी पर भी एक्शन का आदेश

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बिजली दरों में 6.83 प्रतिशत बढ़ोतरी को मजबूरी बताया. साथ ही उन्होंने घाटी में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिली नई धमकियों की गहन जांच की मांग की.

KanhaiyaaZee
Nasir Khan
Reported By: Nasir Khan
बिजली महंगी करने पर उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान, बोले- ‘मजबूरी थी’; कश्मीरी पंडितों की धमकी पर भी एक्शन का आदेश
Courtesy: @OmarAbdullah X account

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में बिजली की बढ़ी दरों और कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिली कथित धमकियों को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कई अहम बातें कहीं. उन्होंने 6.83 प्रतिशत बिजली दर बढ़ाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि सरकार ने इसे जितना संभव हो सके, उतना कम रखा है. वहीं, घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिली नई धमकियों को उन्होंने गंभीर मामला बताया और पुलिस, सुरक्षा तथा खुफिया एजेंसियों से पूरे मामले की जांच करने को कहा.

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में चार साल बाद बिजली की दरों में 6.83 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. उन्होंने कहा कि सरकार ने दरों में बढ़ोतरी को न्यूनतम रखने की कोशिश की है. मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह फैसला किसी उत्सव का विषय नहीं है, बल्कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार के लिए मजबूरी बन गया था. उन्होंने यह भी कहा कि बिजली क्षेत्र में नुकसान कम होने पर भविष्य में ऐसे फैसलों की जरूरत घट सकती है.

200 यूनिट मुफ्त बिजली पर भी सफाई

मुख्यमंत्री ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि इसका क्रियान्वयन सौर योजना के जरिए किया जाएगा और इसका बिजली दरों में की गई बढ़ोतरी से सीधा संबंध नहीं है. सरकार की ओर से इस योजना को अलग व्यवस्था के तहत लागू किया जाना है. बिजली दरों में संशोधन और मुफ्त बिजली की योजना को एक-दूसरे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.

सरकार में फेरबदल पर क्या बोले उमर?

सरकार में संभावित फेरबदल के सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि प्रशासन के भीतर किसी तरह का संकट नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर मंत्रिमंडल या सरकार में बदलाव किए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पहले के बयान का मकसद केवल यह बताना था कि 15 अगस्त से पहले कोई फेरबदल नहीं होगा. उन्होंने कहा कि सरकार का काम सामान्य तरीके से चल रहा है और आवश्यकता के अनुसार निर्णय लिए जाएंगे.

कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की धमकी पर जांच

उमर अब्दुल्ला ने घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को मिली ताजा धमकियों पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए. पुलिस, सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों को धमकियों के स्रोत का पता लगाकर पूरी जांच करनी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सुरक्षा एजेंसियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए.

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उमर की अपील

मुख्यमंत्री ने पहले सामने आए ऐसे मामलों का भी उल्लेख किया, जिनमें कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को निशाना बनाया गया था. उन्होंने कहा कि नई धमकियों की वास्तविकता और स्रोत का पता लगाना जरूरी है. साथ ही उन्होंने सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की. उमर ने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े विषय उपराज्यपाल प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आते हैं. ऐसे में संबंधित एजेंसियों को मामले की पूरी जांच कर जरूरी कार्रवाई करनी चाहिए.