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India Daily

श्रीनगर में 165 कनाल पुश्तैनी जमीन पर कब्जे की कोशिश? कश्मीरी पंडित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने की कार्रवाई

जम्मू में रह रहे एक कश्मीरी पंडित परिवार ने श्रीनगर के सौरा में अपनी पुश्तैनी जमीन पर कथित कब्जे और धमकियों की शिकायत की. परिवार ने पुलिस कार्रवाई के बाद अधिकारियों का आभार जताया.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
Nasir Khan
Reported By: Nasir Khan
श्रीनगर में 165 कनाल पुश्तैनी जमीन पर कब्जे की कोशिश? कश्मीरी पंडित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने की कार्रवाई
Courtesy: ai generated

श्रीनगर के सौरा इलाके में पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद सामने आया है. जम्मू में रह रहे एक कश्मीरी पंडित परिवार का आरोप है कि उनकी जमीन पर कब्जे की कोशिश की गई और उन्हें कश्मीर लौटने से रोकने के लिए धमकियां दी गईं. परिवार ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की.

165 कनाल जमीन पर कब्जे का आरोप

जम्मू के मुठी कैंप में रहने वाली शकुंतला भान ने आरोप लगाया कि सौरा के उमरहीर इलाके में उनके परिवार की पुश्तैनी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी. परिवार के अनुसार, इस जमीन का कुल रकबा करीब 165 कनाल है. भान ने आरोप लगाया कि फिरदौस आबाद, बटामालू निवासी मलिक आबिद हुसैन और उसके कुछ सहयोगी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे.

परिवार का कहना है कि संपत्ति के एक बड़े हिस्से पर पहले ही अतिक्रमण हो चुका है और जमीन के कुछ हिस्से पर एक परिसर भी बनाया गया है. हालांकि, संपत्ति के स्वामित्व और कब्जे से जुड़े सभी दावे फिलहाल जांच के अधीन हैं.

कश्मीर आने पर धमकी देने का दावा

शकुंतला भान ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि परिवार के सदस्यों को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई. उनका दावा है कि उन्हें कश्मीर आने से भी रोका गया और वापस घाटी लौटने पर जान से मारने की धमकी दी गई. इन आरोपों के बाद भान ने आईजीपी कश्मीर, एसएसपी श्रीनगर और जाडीबल के एसडीपीओ से संपर्क किया.

परिवार के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार किया गया. परिवार का दावा है कि आरोपी फिलहाल श्रीनगर सेंट्रल जेल में बंद है. इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी.

जल शक्ति विभाग के इस्तेमाल का भी आरोप

परिवार ने संपत्ति के करीब दो कनाल हिस्से को लेकर एक और शिकायत सामने रखी है. भान के अनुसार, इस हिस्से का इस्तेमाल जल शक्ति विभाग द्वारा किया जा रहा था और वहां निर्माण सामग्री तथा अन्य सामान रखा गया था. उन्होंने संबंधित मुख्य अभियंता से संपर्क कर सामग्री हटाने और जमीन खाली कराने का अनुरोध किया.

हालांकि, भान का आरोप है कि शिकायत के बावजूद वहां रखा सामान नहीं हटाया गया. परिवार का कहना है कि पुश्तैनी संपत्ति का यह हिस्सा उनके लिए महत्वपूर्ण है और वे चाहते हैं कि जमीन से जुड़े सभी विवादों का कानून के मुताबिक समाधान हो. विभाग की ओर से इस दावे पर कोई पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है.

पुलिस कार्रवाई पर परिवार ने जताया आभार

शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई से परिवार ने राहत जताई है. परिवार ने आईजीपी कश्मीर, एसएसपी श्रीनगर और अन्य पुलिस अधिकारियों का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया गया. परिवार की ओर से जमीन पर कथित अतिक्रमण, धमकियों और आरोपी की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है.

ऐसे मामलों में संपत्ति के दस्तावेज, वास्तविक कब्जे और कथित धमकियों से जुड़े साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी. फिलहाल उपलब्ध जानकारी शिकायतकर्ता परिवार के आरोपों पर आधारित है. जमीन के मालिकाना हक, अतिक्रमण और धमकियों से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच तथा अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे.