नई दिल्ली: उत्तर भारत में सर्दी हर दिन और तीखी होती जा रही है. धूप निकलने के बावजूद गलन कम नहीं हो रही और कई राज्यों में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच चुका है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से शीतलहर, घना कोहरा और ठंडी हवाओं का असर अभी कुछ दिन बना रहेगा. पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी राज्यों तक ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है.
पिछले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे दर्ज किया गया. हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कई स्थानों पर पारा 1 से 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा. उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ठंड का असर साफ दिखा, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में तापमान 5 से 10 डिग्री के दायरे में रहा.
उत्तरी तटीय श्रीलंका के ऊपर बना डिप्रेशन कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल चुका है, लेकिन उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अभी भी मौजूद है. वहीं, ऊपरी वायुमंडल में उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट धारा सक्रिय है. मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ गर्त के रूप में बना हुआ है, जो उत्तर भारत में ठंडी हवाओं और मौसम में उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण बन रहा है.
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 दिनों तक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है. उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में अगले 5-6 दिनों तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है. कुछ इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति भी देखने को मिल सकती है.
दिल्ली में मौसम ज्यादातर साफ रहेगा, लेकिन सुबह के समय हल्की से मध्यम धुंध छाई रह सकती है. अधिकतम तापमान 19 से 21 डिग्री और न्यूनतम 3 से 5 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है. उत्तर प्रदेश में सप्ताह के अंत तक कोहरे और ठंड में तेजी आने की संभावना है. 15 जनवरी के बाद नए पश्चिमी विक्षोभ से तापमान में 1 से 3 डिग्री की गिरावट हो सकती है.
बिहार में ठंडी हवाओं के कारण धूप के बावजूद सर्दी से राहत नहीं मिली है. अगले चार दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 17 जनवरी के आसपास बदलाव संभव है. राजस्थान में सीकर के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान -2 डिग्री दर्ज किया गया. कई जिलों में कोहरा और शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी है और ग्रामीण इलाकों में ठंड अधिक तीव्र बनी हुई है.