नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध की आहट ने भारतीय उपभोक्ताओं के बीच बेचैनी पैदा कर दी है. सोशल मीडिया और वैश्विक अनिश्चितता के चलते देश में अचानक एलपीजी सिलेंडरों की 'पैनिक बुकिंग' में भारी उछाल देखा गया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट करते हुए नागरिकों को आश्वस्त किया है कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि डर के मारे अनावश्यक बुकिंग या जमाखोरी करने की कोई आवश्यकता नहीं है.
मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सामान्य दिनों में देश में करीब 55 लाख सिलेंडर बुक होते हैं. लेकिन पिछले कुछ दिनों में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ा है. शुक्रवार को जहां 75-76 लाख बुकिंग हुई थी, वहीं शनिवार को यह संख्या बढ़कर 88 लाख के पार पहुंच गई. यह उछाल स्पष्ट रूप से उपभोक्ताओं की घबराहट को दर्शाता है. सरकार ने अपील की है कि लोग संयम बरतें क्योंकि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुरक्षित है.
आयात पर निर्भरता कम करने और स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए तेल कंपनियों ने कमर कस ली है. सरकार के निर्देशों के बाद घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 31 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. सुजाता शर्मा ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हालांकि वैश्विक हालात चिंताजनक हैं, लेकिन भारत के पास फिलहाल स्टॉक की कोई कमी नहीं है. तेल मार्केटिंग कंपनियां चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर मिल सकें.
व्यावसायिक उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं. बैठक के बाद यह तय किया गया कि होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों के लिए भी आपूर्ति सुचारू रखी जाए. अब तक लगभग 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडरों का वितरण प्रभावी ढंग से शुरू हो चुका है. राज्य सरकारों के साथ निरंतर समन्वय किया जा रहा है ताकि व्यावसायिक गतिविधियों पर अंतरराष्ट्रीय संकट का कम से कम असर पड़े.
संकट की स्थिति का अनुचित लाभ उठाने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गोदामों और डिस्ट्रीब्यूशन सेंटरों का अचानक निरीक्षण करें. कई राज्यों में छापेमारी शुरू कर दी गई है ताकि सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोका जा सके. यदि कोई डीलर या बिचौलिया जमाखोरी में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
ईंधन की सुरक्षा को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक विशेष एडवाइजरी भी जारी की है. इसमें नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पेट्रोल या डीजल को खुले बर्तनों में जमा न करें, क्योंकि यह सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक है. मंत्रालय ने फिर दोहराया कि देश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार है. ईरान युद्ध के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत है और लोगों को पैनिक होकर ईंधन का अनावश्यक संग्रह नहीं करना चाहिए.