भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज यानी गुरुवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें सदस्यता की शपथ दिलाई. उनके तुरंत बाद RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली.
नितिन नवीन ने हिंदी भाषा में शपथ ली, जिसके बाद सदन में मेज थपथपाने की जोरदार आवाजें गूंजने लगी. उनके साथ अन्य सदस्यों ने भी राज्यसभा की सदस्यता ली. सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने नवनिर्वाचित सभी सदस्यों को बधाई देते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं.
राज्यसभा की सदस्यता के लिए हाल ही में हुए चुनावों के बाद आज शपथ ग्रहण हुआ. नए सदस्यों में असम, बिहार, हरियाणा, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और महाराष्ट्र के प्रतिनिधि शामिल हैं. कुल 16 नए सांसदों ने आज शपथ ली. असम से शपथ लेने वाले सदस्यों में टेरश गोवाला, जोगेन मोहन और प्रमोद बोरोशामिल हैं. इन तीनों सदस्यों ने राज्यसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.
इनके बिहार का प्रतिनिधित्व करने वाले नवनिर्वाचित सांसदों में नितिन नवीन , उपेंद्र कुशवाहा, राम नाथ ठाकुर और शिवेश कुमार शामिल हैं. नितिन नवीन के शपथ ग्रहण के साथ भाजपा की राष्ट्रीय नेतृत्व में एक और मजबूत कड़ी जुड़ गई है. छत्तीसगढ़ से लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेतामने शपथ ली. हरियाणा से करमवीर सिंह बौद्ध और संजय भाटिया राज्यसभा पहुंचे हैं.
वहीं हिमाचल प्रदेश से कांग्रेस के अनुराग शर्मा ने शपथ ली. महाराष्ट्र से भाजपा के विनोद श्रीधर तावड़े और ओडिशा से भाजपा के सुजीत कुमार ने भी शपथ ली. तेलंगाना का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के दो सदस्यों अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी ने किया.
राज्यसभा में इन नए सदस्यों के शामिल होने से विभिन्न राज्यों की राजनीतिक समीकरणों में बदलाव आने की उम्मीद है. नितिन नवीन का राज्यसभा में प्रवेश भाजपा के लिए खासा महत्व रखता है क्योंकि वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. उनकी उपस्थिति सदन में भाजपा की रणनीति और चर्चाओं को नई दिशा दे सकती है. राज्यसभा में इन नए सदस्यों के आने से आने वाले सत्रों में बहस और चर्चाओं में नई ऊर्जा का संचार होने की संभावना है. खास कर ऐसे समय पर जब देश में महिला आरक्षण को लेकर विधेयक पेश किया जा रहा है.