Nitin Gadkari Retirement: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के एक बयान ने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है. नागपुर के कटोल में उन्होंने कहा कि वह 30 साल से सार्वजनिक जीवन में हैं और अब ज्यादा काम नहीं कर सकते. हालांकि, उन्होंने संन्यास की कोई घोषणा नहीं की है.
नागपुर जिले के कटोल में एक कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि वह करीब 30 वर्षों से लगातार सक्रिय हैं और इस दौरान कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. गडकरी ने यह भी कहा कि अब वह ज्यादा काम नहीं कर सकते और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए. उनके इसी बयान के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें शुरू हो गईं. कुछ राजनीतिक जानकार इसे भविष्य में सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने का संकेत मान रहे हैं. हालांकि, गडकरी ने अभी तक न तो संन्यास की घोषणा की है और न ही अपने पद से हटने की बात कही है.
गडकरी ने अपने जीवन में आए बदलावों के बारे में भी बात की. उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी से पहले पार्टी के काम के दौरान वह अक्सर समोसे खाते थे और कहीं भी सो जाते थे. महामारी के बाद उन्होंने अपनी दिनचर्या को काफी बदल लिया और अब नियमित रूप से योग करते हैं. उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहना सबसे जरूरी है, अगर शरीर ठीक नहीं है तो सत्ता और पद का कोई खास फायदा नहीं है. इस दौरान उन्होंने जीवन की अहमियत पर जोर देते हुए एक चर्चित पंक्ति भी दोहराई. उनका कहना था कि जीवन अनमोल है और इंसान को अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी चाहिए.
अपने संबोधन में गडकरी ने किसानों की समस्याओं और आत्महत्याओं पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसानों के कल्याण के लिए और ज्यादा ठोस काम करने की जरूरत है. कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों की आय बढ़ाने को उन्होंने अहम मुद्दा बताया. उनके इस बयान से यह भी संकेत मिलता है कि वह आगे किसानों से जुड़े काम पर ध्यान देना चाहते हैं. फिलहाल उनके बयान को राजनीतिक संन्यास की औपचारिक घोषणा नहीं माना जा सकता.