नेपाल में तबाही के बीच भारत की मदद की पेशकश, NDRF भेजने को तैयार मोदी सरकार

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद भारत ने राहत और बचाव के लिए NDRF की टीम भेजने की पेशकश की है. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 320 भारतीय और भारतीय मूल के 100 लोग अब भी संपर्क से बाहर हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान के बीच भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है. भारत सरकार ने नेपाल को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी NDRF के जवान भेजने की पेशकश की है. यह पेशकश ऐसे समय की गई है, जब बाढ़ से करीब 600 लोगों की मौत की खबर है. भारत की सबसे बड़ी चिंता अभी उन नागरिकों को तलाशना है, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है.

विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि भारत ने नेपाल में बचाव अभियान के लिए NDRF कर्मियों को भेजने की पेशकश की है. रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल ने कुछ देशों की ओर से खोज और बचाव दल भेजने के अनुरोधों को स्वीकार नहीं किया है. इसके बावजूद भारत ने अपनी ओर से सहायता की पेशकश की है.

320 भारतीय अब भी संपर्क से बाहर

विदेश मंत्रालय के अनुसार, नेपाल में 320 भारतीय नागरिकों से फिलहाल संपर्क नहीं हो सका है. इसके अलावा भारतीय मूल के करीब 100 लोग भी लापता या संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं. मंत्रालय ने कहा कि सरकार की तत्काल प्राथमिकता इन लोगों का पता लगाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है.


बाढ़ ने मचाई भारी तबाही

नेपाल में आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है. अलग-अलग रिपोर्टों के मुताबिक, आपदा में करीब 600 लोगों की जान जा चुकी है. कई इलाकों में संपर्क और आवाजाही प्रभावित हुई है. ऐसे हालात में लापता लोगों की तलाश चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.

भारतीयों की तलाश पर फोकस

भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने और उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रही है. NDRF की पेशकश इसी सहायता अभियान का हिस्सा है. आने वाले समय में नेपाल की मंजूरी और जमीनी हालात के आधार पर भारतीय बचाव दल की भूमिका तय हो सकती है.