राज्यसभा चुनाव में NDA का रहेगा दबदबा, बिहार में मिलेगा बंपर फायदा; यहां समझ लीजिए सभी 37 सीटों का गणित
16 मार्च 2026 को दस राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. इनमें भाजपा और उसके सहयोगी दलों को तीन से पांच अतिरिक्त सीटें मिलने की संभावना है. विपक्षी गठबंधन को नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
नई दिल्ली: इस साल राज्यसभा की 72 सीटें रिक्त हो रही हैं, जिनमें से मार्च में दस राज्यों की 37 सीटों पर चुनाव की घोषणा हो चुकी है. विधायकों के वोट से होने वाले इन चुनावों में भाजपा गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है. बिहार में बीजेपी को सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है. असम, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल में भी गणित बदला हुआ है. कई दिग्गज नेताओं की सीटें दांव पर हैं और राजनीतिक जोड़-तोड़ से नतीजे प्रभावित हो सकते हैं.
बिहार में एनडीए का दबदबा
बिहार में पांच सीटें खाली हो रही हैं. जदयू की दो, राजद की दो और आरएलएम की एक. एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जो चार सीटें आसानी से जीत लेंगे. एक सीट के लिए 42 वोट चाहिए. विपक्ष के पास इतने विधायक नहीं हैं. ऐसे में जोड़-तोड़ से पांचवीं सीट भी एनडीए के खाते में जा सकती है.
महाराष्ट्र में शरद पवार मुश्किल में
महाराष्ट्र की सात सीटें खाली हैं. भाजपा दो, शिवसेना उद्धव एक, राकांपा शरद दो, कांग्रेस एक और आरपीआई एक. चुनाव के बाद भाजपा को तीन, अजित पवार की राकांपा को एक, शिंदे शिवसेना को एक और कांग्रेस को एक मिल सकती है. शरद पवार के लिए सीट बचाना चुनौतीपूर्ण होगा. इंडिया गठबंधन को अपनी सीटें छोड़नी पड़ सकती हैं.
असम, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में बदलाव
असम की तीन सीटों में भाजपा को दो और कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना है. छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के दोनों रिटायर सांसदों की जगह भाजपा और कांग्रेस को एक-एक सीट मिल सकती है. हरियाणा में भाजपा की दोनों सीटें खाली हैं, लेकिन अब भाजपा एक और कांग्रेस एक लेगी. हिमाचल में भाजपा की सीट कांग्रेस के पास जाएगी.
पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और अन्य राज्यों का हाल
पश्चिम बंगाल की पांच सीटों में तृणमूल को चार और भाजपा को एक सीट मिलने की उम्मीद है. तमिलनाडु में डीएमके चार सीटें बरकरार रख सकती है, एआईएडीएमके एक सीट लेगी. तेलंगाना में दोनों सीटें कांग्रेस के पास जाएंगी. ओडिशा में भाजपा और बीजेडी को दो-दो सीटें मिलने का अनुमान है. कुल मिलाकर भाजपा गठबंधन मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है.