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‘सावन में नॉन वेज बंद तो रमजान में शराब की दु्काने क्यों नहीं…’,ओवैसी की पार्टी के किस नेता ने दिल्ली में ‘शराबबंदी’ की उठाई मांग?

एआईएमआईएम ने रमजान के दौरान दिल्ली में सभी शराब की दुकानों को बंद करने की मांग की है. पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष डॉ शोएब जमई ने सावन का उदाहरण देते हुए समान सम्मान की बात कही है. मांग के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है.

Facebook (Dr. Shoaib Jamei)
Babli Rautela

नई दिल्ली: रमजान के पवित्र महीने की शुरुआत के साथ ही दिल्ली की सियासत में नई बहस छिड़ गई है. ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने राजधानी में रमजान के दौरान सभी शराब की दुकानों को बंद करने की मांग उठाई है. यह मांग पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डॉ शोएब जमई ने की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दिल्ली सरकार से अपील की कि रमजान के महीने में शराब की बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर खपत पर रोक लगाई जाए. उनके बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है.

डॉ शोएब जमई ने अपने पोस्ट में कहा कि जब सावन के महीने में कुछ जगहों पर नॉन वेज की दुकानों को बंद कर सम्मान जताया जाता है, तो रमजान के पवित्र महीने में भी इसी तरह का सम्मान दिखाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सरकार को सभी समुदायों की धार्मिक भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए.

सावन का दिया गया उदाहरण

इस मांग को पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की लाइन से जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि इस पर उनकी ओर से अलग से कोई बयान सामने नहीं आया है. फिर भी राजनीतिक गलियारों में इसे बड़ा संदेश माना जा रहा है. गुरुवार से रमजान का महीना शुरू हो गया है. दिल्ली की ऐतिहासिक जामा मस्जिद से शाही इमाम सैयद शाबान बुखारी ने चांद दिखने की घोषणा की थी. रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग सुबह से शाम तक रोजा रखते हैं और विशेष नमाज अदा करते हैं.

यह महीना दया, माफी और आत्मशुद्धि का प्रतीक माना जाता है. इफ्तार और सहरी की परंपरा के साथ लोग जरूरतमंदों को दान भी देते हैं. मस्जिदों में तरावीह की नमाज और कुरान पाठ का विशेष आयोजन होता है.

प्रधानमंत्री और राहुल गांधी की बधाई

रमजान की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर मुस्लिम समुदाय को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कामना की कि यह महीना समाज में एकता और शांति को मजबूत करे. वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी रमजान की बधाई दी और सभी के लिए शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की.

फिलहाल दिल्ली सरकार की ओर से इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. हालांकि यह मुद्दा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कुछ लोग इसे धार्मिक सम्मान का सवाल बता रहे हैं, तो कुछ इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं.