तुर्की, सऊदी और पाकिस्तान मिलकर बना रहा 'सुन्नी एक्सिस'? इजरायल के खिलाफ दबाव बनाने कोशिश

इजरायल और सऊदी अरब के बीच एक समय पर अच्छे संबंध थे. हालांकि 7 अक्टूबर के बाद सब बदल गया. अब इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री ने इसके पीछे तुर्की का हाथ बताया है और उसपर 'सुन्नी एक्सिस' स्थापित करने का भी आरोप लगाया.

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Shanu Sharma

ईरान और इजरायल के बीच काफी पुरानी दुश्मनी है. इजरायल की यह दुश्मनी केवल ईरान तक सीमित नहीं है बल्कि इस हेट लिस्ट में तुर्की का नाम टॉप पर है. इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्ताली बेनेट ने कुछ दिनों पहले कहा था कि तुर्की अब 'नया ईरान' बनता जा रहा है.

बेनेत ने यह भी कहा कि तुर्की, सऊदी अरब को इजरायल के खिलाफ खड़ा करने की कोशिश में जुटा है. उन्होंने तुर्की पर 'सुन्नी एक्सिस' स्थापित करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने राष्ट्रपति एर्दोगन की रणनीति को चालाक और खतरनाक बताते हुए कहा था कि वे धीरे-धीरे इजरायल को घेरने की तैयारी कर ररहे  हैं.

इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री के गंभीर आरोप

इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री का मानना है कि ईरान 'हिजबुल्लाह' और 'हुती' की मदद से इजरायल पर अपना दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. वहीं तुर्की भी ईरान के इस कोशिश में अपनी आर्थिक ताकत का इस्तेमाल कर चुनौती बढ़ाने का काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि इजरायल के लिए सबसे बड़ी चिंता तुर्की, कतर और पाकिस्तान के 'सुन्नी एक्सिस' को लेकर है. उन्होंने यह भी दावा किया कि तुर्की की वजह से सऊदी अरब अब इजरायल के साथ अपने रिश्ते सामान्य करने की दिशा में पीछे हो गए हैं.

सऊदी अरब और इजरायल के संबंध

सऊदी अरब और इजरायल के बीच पहले संबंध बेहतर थे. लेकिन 7 अक्टूबर को हमास पर हुए हमले के बाद दोनों देशों में दूरी देखने को मिली. हालांकि सऊदी अरब की ओर से कहा जाता है कि अमेरिका की ओर से इस रिश्ते को सुधारने पर दबाव बनाया जा रहा था. हालांकि कई बार यह रिपोर्ट आई है कि सऊदी अब परमाणु क्षमता हासिल करना चाहता है. जिसकी वजह से दोनों देशों के बीच दूरी बनी है.

सितंबर 2025 में सऊदी अरब ने पाकिस्तान के साथ भी 'रणनीतिक रक्षा समझौता' किया. जिसके तहत यह कहा गया कि दोनों में से किसी भी हमला दोनों पर हमला माना जाएगा, अब इसमें तुर्की भी शामिल होने की प्लानिंग कररहा है. कुछ लोगों ने इसे 'इस्लामिक नाटो' बताया है. अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे टेंशन के बीच कौन देश किसका साथ देगा ये आने वाले समय में काफी महत्वपूर्ण है.