फंदे से लटका मिला नेवी जवान, बेड पर पड़ा था पत्नी और बच्चों के शव; मचा हड़कंप
मुंबई के नेवी नगर में नौसेना के 30 वर्षीय जवान, उनकी पत्नी और दो बच्चों के शव सरकारी आवास से मिले. जवान का शव फंदे से लटका था, जबकि पत्नी और बच्चों की मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं है.
मुंबई: मुंबई के कफ परेड इलाके में स्थित नेवी नगर में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से सनसनी फैल गई. शनिवार रात भारतीय नौसेना के 30 वर्षीय नाविक पुरनमल शंभूलाल मेहरा, उनकी 28 वर्षीय पत्नी ओमा और उनके दो बच्चे सरकारी आवास में मृत पाए गए. घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
पुलिस के मुताबिक, पुरनमल का शव कमरे में फंदे से लटका मिला, जबकि उनकी पत्नी ओमा और तीन साल के बेटे यश के साथ दो महीने की बेटी के शव बेड पर मिले. 15 अगस्त की रात घटना की सूचना कफ परेड पुलिस को दी गई. इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए जे जे अस्पताल भेजा गया.
शुरुआती जांच में क्या आया सामने?
शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि पुरनमल ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, जबकि उनकी पत्नी और दोनों बच्चों की मौत जहरीला पदार्थ खाने से हुई हो सकती है. हालांकि, पुलिस ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों के मुताबिक, पत्नी और बच्चों की मौत का वास्तविक कारण केमिकल और फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा.
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रिपोर्ट में क्या आया सामने?
जे जे अस्पताल में हुए पोस्टमार्टम में पुरनमल की मौत फांसी के कारण दम घुटने से होने की पुष्टि हुई है. वहीं ओमा और दोनों बच्चों की मौत को लेकर मेडिकल टीम ने अपनी राय सुरक्षित रखी है. पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला. घर की तलाशी के दौरान फोरेंसिक टीम को कोई संदिग्ध जहरीला पदार्थ भी नहीं मिला.
क्या है मामला?
जांच में परिवार के बीच पिछले कुछ समय से चल रहे वैवाहिक विवाद की बात भी सामने आई है. बताया जा रहा है कि पुरनमल और ओमा की शादी करीब चार से पांच साल पहले हुई थी. दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था. करीब एक सप्ताह पहले ओमा के पिता उन्हें मुंबई से वापस घर ले जाने आए थे. पुलिस के अनुसार, उस समय पुरनमल ने कथित तौर पर कहा था कि ओमा जाना चाहें तो जा सकती हैं, लेकिन वह बच्चों को साथ नहीं ले जा सकतीं.
घटना से पहले पुरनमल के पिता ने उन्हें फोन किया था. जब लगातार फोन करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने नौसेना के कंट्रोल रूम को सूचना दी. इसके बाद नौसेना के अधिकारी सरकारी क्वार्टर पहुंचे, जहां परिवार के चारों सदस्य मृत मिले. इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई.