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'दफनाने के लिए जगह भी नहीं मिलेगी', बाबरी मस्जिद पर हुमायूं कबीर को नववीत राणा की खुली चेतावनी

महाराष्ट्र की फायरब्रांड भाजपा नेता नवनीत राणा ने मुर्शिदाबाद में 'बाबरी मस्जिद' का निर्माण करा रहे हुमायूं कबीर को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि भारत में बाबरी बनाने वालों को दफनाने के लिए जगह भी नहीं मिलेगी.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी बेबाकी के लिए मशहूर और भारतीय जनता पार्टी की फायरब्रांड नेता नवनीत राणा ने एक बार फिर अपने तीखे बयानों से सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. इस बार उनके निशाने पर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में 'बाबरी मस्जिद' का निर्माण करा रहे निलंबित टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर हैं. मध्य प्रदेश में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात के बाद नवनीत राणा के तेवर और भी तल्ख नजर आए.

बागेश्वर धाम सरकार से आशीर्वाद लेने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए नवनीत राणा ने हुमायूं कबीर को सीधी चुनौती दे डाली. उन्होंने संतों के संदेश का हवाला देते हुए कहा कि आज के दौर में हाथों में संतों की 'माला' के साथ-साथ 'भाला' होना भी बेहद आवश्यक है.

राणा ने अपनी पहचान 'महाराष्ट्र की बेटी' के रूप में रेखांकित करते हुए स्पष्ट किया कि वह धर्म की रक्षा के लिए माला और तलवार दोनों के साथ मैदान में उतरी हैं. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, 'जो लोग बंगाल में बाबरी बनाने का सपना देख रहे हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि उन्हें अपनी कब्र के लिए भी हिंदुस्तान की सरजमीं पर जगह नसीब नहीं होगी.'

मुर्शिदाबाद में 'बाबरी' की नींव और सियासी घमासान

दरअसल, यह पूरा विवाद पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद स्थित बेलडांगा से शुरू हुआ है. यहां तृणमूल कांग्रेस के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद के निर्माण की घोषणा कर राज्य की राजनीति को गरमा दिया है. कबीर ने पिछले साल 6 दिसंबर को इस विवादित ढांचे की नींव रखी थी, जिसका वास्तविक निर्माण कार्य इसी साल 11 फरवरी से शुरू किया गया है. हुमायूं कबीर अब अपनी नई राजनीतिक पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' (JUP) के बैनर तले इस परियोजना को आगे बढ़ा रहे हैं और इसके प्रचार-प्रसार के लिए 'बाबरी यात्रा' भी निकाल रहे हैं.

55 करोड़ का प्रोजेक्ट और 12 हजार नमाजी

हुमायूं कबीर के दावों के मुताबिक, यह मस्जिद 11 एकड़ की विशाल भूमि पर बनाई जा रही है. लगभग 50 से 55 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाले इस ढांचे में एक साथ 12,000 लोगों के नमाज पढ़ने की व्यवस्था होगी. इसी महत्वाकांक्षी और विवादित प्रोजेक्ट पर पलटवार करते हुए नवनीत राणा ने चेतावनी दी है कि वे वहां आकर 'हिंदू की ताकत' का एहसास कराएंगी. राणा ने साफ लहजे में कहा कि वे (कबीर) सिर्फ शुरुआत करें, आगे क्या होगा वह हम बताएंगे.