चुनाव से पहले ममता का मास्टरस्ट्रोक, बंगाल की पहली महिला मुख्य सचिव बनीं नंदिनी चक्रवर्ती
वरिष्ठ IAS अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल की नई मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है. इस नियुक्ति के साथ ही वह राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव बन गई हैं.
नई दिल्ली: वरिष्ठ IAS अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती को पश्चिम बंगाल की नई मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है. इस नियुक्ति के साथ ही वह राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव बन गई हैं. बुधवार शाम को राज्य सचिवालय नबन्ना से जारी एक आधिकारिक अधिसूचना में इस फैसले की जानकारी दी गई. नंदिनी चक्रवर्ती 1 जनवरी से अपना कार्यभार संभालेंगी. अब नंदिनी चक्रवर्ती मनोज पंत की जगह लेंगी. वहीं, मनोज पंत को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का प्रिंसिपल सेक्रेटरी बनाया गया है.
पहली महिला मुख्य सचिव बनीं नंदिनी चक्रवर्ती
नंदिनी चक्रवर्ती अभी तक राज्य सरकार में गृह, हिल्स और पर्यटन विभाग की सचिव के रूप में काम कर रही थीं. उनके पास मौजूद इन तीनों विभागों की जिम्मेदारी अब जगदीश प्रसाद मीणा को सौंप दी गई है. जगदीश प्रसाद मीणा को राज्य का नया गृह सचिव नियुक्त किया गया है.
नई नियुक्तियों का नोटिफिकेशन जारी
मनोज पंत का कार्यकाल इस साल 30 जून को समाप्त होने वाला था. हालांकि, राज्य सरकार की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने उनके कार्यकाल को छह महीने के लिए बढ़ा दिया था, जो अब 31 दिसंबर को समाप्त हो रहा है. इसी के बाद प्रशासनिक और कार्मिक विभाग ने नई नियुक्तियों का नोटिफिकेशन जारी किया.
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2023 में गृह सचिव नियुक्त किया गया था
नंदिनी चक्रवर्ती को 31 दिसंबर 2023 को पश्चिम बंगाल की गृह सचिव नियुक्त किया गया था. इस तरह वह राज्य की दूसरी महिला गृह सचिव बनीं थी. उनसे पहले यह जिम्मेदारी लीना चक्रवर्ती ने निभाई थी, जो वाम मोर्चा सरकार के दौरान इस पद पर थीं. नंदिनी चक्रवर्ती के पास गृह विभाग के अलावा पर्यटन विभाग की भी जिम्मेदारी रही है. वह राज्यपाल सीवी आनंद बोस की प्रिंसिपल सेक्रेटरी के रूप में भी काम कर चुकी हैं.
2022 में प्रिंसिपल सेक्रेटरी बनीं
अगस्त 2022 में उन्हें तत्कालीन राज्यपाल ला गणेशन का प्रिंसिपल सेक्रेटरी बनाया गया था. बाद में नवंबर 2022 में सीवी आनंद बोस के राज्यपाल बनने के बाद भी वह इस पद पर बनी रहीं. लेकिन फरवरी 2023 में राज्यपाल ने नई टीम बनाने का फैसला लिया और नंदिनी चक्रवर्ती को राजभवन से मुक्त कर दिया गया.
भाजपा ने लगाए गंभीर आरोप
इस फैसले के पीछे बीजेपी के आरोप भी माने गए, जिसमें पार्टी ने दावा किया था कि नंदिनी चक्रवर्ती राज्यपाल को गुमराह कर रही हैं और राज्य सरकार का एजेंडा राजभवन पर थोप रही हैं. खासतौर पर तब विवाद बढ़ा, जब राज्यपाल ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तारीफ की थी.
सरकार और राज्यपाल के बीच तनाव
राजभवन से हटाए जाने के बाद राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच तनाव भी देखने को मिला, लेकिन कुछ दिनों बाद नंदिनी चक्रवर्ती को पर्यटन विभाग की प्रमुख सचिव नियुक्त कर दिया गया. इससे पहले वह सूचना एवं प्रसारण जैसे कई अहम विभागों की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं. वर्ष 2011 में ममता बनर्जी की पहली सरकार बनने के बाद उन्हें महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद दिए गए थे.
CM ममता ने दिया बड़ा मैसेज
नंदिनी चक्रवर्ती को मुख्य सचिव बनाकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कई संकेत दिए हैं. वह न केवल एक महिला अधिकारी हैं, बल्कि बंगाली भी हैं. अलापन बनर्जी के बाद वह दूसरी बंगाली मुख्य सचिव बनी हैं. वहीं, मनोज पंत को मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी बनाकर सरकार ने उनके अनुभव को प्रशासन में बनाए रखा है. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था को भी ध्यान में रखते हुए अहम निर्णय लिए हैं.