नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुराने मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के अनुसार, उन्हें वर्ष 2007 में हुए नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के दौरान दर्ज एक हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया है. पुलिस उन्हें पूर्व मेदिनीपुर जिले की हल्दिया अदालत में पेश करेगी.
यह गिरफ्तारी उस घटनाक्रम के तुरंत बाद हुई जब कुछ ही घंटे पहले ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मिलन प्रधान को 'सक्षम उम्मीदवार' बताते हुए अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया था. समर्थन की घोषणा के बाद हुई इस गिरफ्तारी पर तंज कसते हुए कांग्रेस प्रवक्ता मीता चक्रवर्ती ने इसे तानाशाही रवैया करार दिया और कहा कि विपक्ष ऐसी धमकियों से दबने वाला नहीं है.
#WATCH | Kolkata, West Bengal: Congress spokesperson Mita Chakraborty says, "... Today, Mamata Banerjee—the former Chief Minister—extended her support to Milan Pradhan. Within just a few hours, he was arrested... If you resort to intimidation—refusing to give space to the… pic.twitter.com/KRPV9vbBRY
— ANI (@ANI) September 18, 2026
इससे पहले दिन में 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' की अधिकृत उम्मीदवार संचिता प्रधान (डे) ने नबन्ना में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और फिर अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया. इस घटनाक्रम के बाद नंदीग्राम में ममता खेमे का कोई सीधा उम्मीदवार नहीं बचा, जिसके चलते उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने का फैसला किया था.
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे. चुनाव आयोग ने इससे पहले टीएमसी के नाम और सिंबल पर चल रहे विवाद को देखते हुए मूल 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फूल व घास' सिंबल को फ्रीज करने का आदेश दिया था.