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MP Crime News: कंटेनर ट्रक से चुरा लिए 11 करोड़ रुपये के 1500 iPhone, तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन

MP Crime News: मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक कंटेनर ट्रक से चोरों ने 1500 आईफोन चुरा लिए. चुराए गए 1500 आईफोन की कीमत 11 करोड़ रुपये बताई जा रही है. मामले की जानकारी के बाद तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन लिया गया है. तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्हें ड्यूटी से हटा दिया गया है.

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MP Crime News: कंटेनर ट्रक से चुरा लिए 11 करोड़ रुपये के 1500 iPhone, तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक्शन
Courtesy: @theapplehub

MP Crime News: मध्य प्रदेश के सागर में एक कंटेनर ट्रक से 11 करोड़ रुपये के लगभग 1500 आईफोन चोरी हो गए, जिसके बाद लापरवाही के कारण तीन पुलिस कर्मियों को ड्यूटी से हटा दिया गया. एडिशनल एसपी संजय उइके के अनुसार, सामने आया है कि 1500 आईफोन चोरी करने वालों ने 15 अगस्त को ट्रक के ड्राइवर को नशीला पदार्थ खिलाया. फिर लूट की घटना को अंजाम दिया गया.

उइके ने ये भी कहा कि दावों की पुष्टि की जा रही है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, उइके ने कहा कि इन फोन को बनाने वाली कंपनी एप्पल ने अभी तक पुलिस से संपर्क नहीं किया है. मैं घटनास्थल पर हूं, जो जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर है और ट्रक की वीडियोग्राफी की जा रही है.

गुरुग्राम से चेन्नई जा रहा था आईफोन से लदा कंटेनर

पुलिस के मुताबिक, आईफोन से लदा कंटेनर हरियाणा के गुरुग्राम से चेन्नई जा रहा था. आईफोन की लूट तब हुई जब ट्रक नरसिंहपुर जिले में पहुंचा था. एडिशनल एसपी उइके ने कहा कि प्रारंभिक जांच पूरी होने के तुरंत बाद मामला दर्ज किया जाएगा. 

पुलिस ने ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में अपने ही कर्मियों पर कार्रवाई की है. सागर जोन के पुलिस महानिरीक्षक प्रमोद वर्मा ने शुक्रवार को मामले में बांदरी थाना प्रभारी निरीक्षक भागचंद उइके और सहायक उपनिरीक्षक राजेंद्र पांडे को लाइन अटैच कर दिया. लाइन अटैच का मतलब है किसी अधिकारी को फील्ड ड्यूटी से हटाना. एक अधिकारी के अनुसार हेड कांस्टेबल राजेश पांडे को भी शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया. 

जिन तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उन पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप है. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उइके ने पीटीआई को बताया कि उन पर आरोप है कि जब ट्रक चालक ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने शिकायत दर्ज नहीं की. समाचार एजेंसी ने पीटीआई ने बयान के लिए महानिरीक्षक वर्मा से संपर्क नहीं किया.