दिल्ली का बुलडोजर तंत्र, 5 साल में 30 हजार ध्वस्तीकरण, कब्जे से छुड़ाई गई सैकड़ों करोड़ की जमीन
Demolitions in Delhi: देश की राजधानी दिल्ली में पिछले साल में 30 हजार से ज्यादा ध्वस्तीकरण किए गए हैं. इस दौरान 20 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं जिनमें से सिर्फ 2642 लोगों को रहने की दूसरी जगह दिलाई जा सकी है. ये बातें खुद केंद्र सरकार ने संसद में बताई हैं. सरकार का कहना है कि ये ध्वस्तीकरण अलग-अलग कानूनों के तहत अलग-अलग एजेंसियों ने करवाए हैं.
पूरे देश में बीते कुछ सालों में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर एक्शन तेजी से बढ़ा है. कई बार आपराधिक मामलों में संलिप्त लोगों के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला है तो कई बार सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को खाली कराने के लिए भी कार्रवाई की गई है. बीते कुछ सालों में दिल्ली के तुगलकाबाद, मजनूं का टीला, किदवई नगर जैसे इलाकों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई है. कभी यमुना के क्षेत्र को खाली कराया गया तो कभी G20 की तैयारियों के लिए लोगों के घर तोड़े गए. अब एक ऐसा आंकड़ा सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. संसद में पेश किए गए आंकड़ो में बताया गया है कि दिल्ली में बीते 5 साल में ध्वस्तीकरण की 30 हजार से ज्यादा कार्रवाई की गई हैं.
हाल ही में दिल्ली के खैबर पास इलाके में एक बस्ती को खाली कराने के लिए बुलडोजर चलाया गया. इसको लेकर खूब हंगामा भी हुआ था लेकिन कोर्ट से भी इन लोगों को सिर्फ कुछ समय दिया गया, जमीन उन्हें खाली ही करनी होगी. इसी को लेकर दिल्ली से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सराकर से सवाल पूछा था.हाउसिंग एंड अर्बन एफेयर्स मिनिस्ट्री के राज्यमंत्री तोखन साहू ने सोमवार को इसका जवाब संसद में दिया.
संजय सिंह ने संसद में पूछा था सवाल
संजय सिंह के जवाब के जवाब में तोखन साहू ने बताया कि ये ध्वस्तीकरण दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली नगर निगम (MCD), नई दिल्ली नगर पालिका (NDMC), दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा अलग-अलग कानूनों के तहत किए गए हैं. इस तरह से पिछले 5 साल में 30,853 ध्वस्तीकरण किए गए हैं.
सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, 2019 से 2023 के बीच कुल 30,843 ध्वस्तीकरण किए गए हैं. इस साल यानी 2024 में अभी तक 2624 ध्वस्तीरकरण किए गए हैं. वहीं, 2019 में 4804, 2020 में 2967, 20221 में 4017 और 2023 में 16,138 ध्वस्तीकरण किए गए. इस दौरान 11,060 रिहायशी इमारतें और 23 कमर्शियल बिल्डिगों को दिल्ली विकास प्राधिकरण ने ध्वस्त किया.
सरकार ने बताया है कि 2019 से अब तक डीडीए ने कुल 316.72 एकड़ जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है. इस जवाब में कहा गया है कि इन एक्शन की वजह से 20,643 लोग प्रभावित हुए हैं. इतना ही नहीं, ध्वस्तीकरण में लगभग 103.27 करोड़ रुपये खर्च भी किए गए हैं. मंत्री ने बताया कि इसमें से 2642 लोगों को रहने की दूसरी जगह भी दिलाई गई है. इस तरह के ध्वस्तीकरण को लेकर उनका कहना है कि अवैध कब्जा हटाने के लिए ये कार्रवाई की गई हैं.