menu-icon
India Daily

पत्थर की खदान में हो रहे अवैध खनन में हुआ भयानक विस्फोट, 2 की मौत, कई मजदूर मलबे में दबे

ओडिशा के ढेंकनाल जिले में अवैध खनन के दौरान एक पत्थर की खदान में विस्फोट हुआ. इसमें 2 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई लोग मलबे में दबे हैं और रेस्क्यू जारी है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
पत्थर की खदान में हो रहे अवैध खनन में हुआ भयानक विस्फोट, 2 की मौत, कई मजदूर मलबे में दबे
Courtesy: social media

ढेंकनाल जिले के मोटांगा इलाके में शनिवार रात अवैध खनन के दौरान खदान में बड़ा धमाका हुआ. विस्फोट में दो मजदूरों की मौत हो गई और कई लोग मलबे में दब गए. प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य में जुट गई हैं. विस्फोट से अवैध खनन की गतिविधियों पर सवाल उठ गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि खदान का पट्टा खत्म होने के बावजूद ब्लास्टिंग जारी थी. रेस्क्यू अभियान में भारी मशीनरी और डॉग स्क्वॉड का भी इस्तेमाल किया जा रहा है.

खदान में विस्फोट की घटना

मोटांगा इलाके के गोपालपुर गांव के पास स्थित पत्थर की खदान में देर रात अचानक विस्फोट हो गया. धमाके की आवाज सुनकर स्थानीय लोग दौड़े और पुलिस को सूचना दी. विस्फोट से खदान की मिट्टी और पत्थरों का हिस्सा ढह गया, जिसमें कई मजदूर फंस गए. मौके पर राहत-बचाव दल ने तुरंत कार्य शुरू किया. शुरुआती आकलन में दो लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि कई अभी भी मलबे में दबे हुए हैं.

प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया

सूचना मिलने के बाद मोटांगा पुलिस स्टेशन और ओडापाड़ा तहसीलदार तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने पूरे इलाके को घेराबंदी कर दी और आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई. वरिष्ठ अधिकारी और फायर ऑफिसर भी मौके पर मौजूद रहे. प्रशासन ने बताया कि रेस्क्यू में समय लग सकता है क्योंकि पत्थरों को हटाने में भारी मशीनरी की आवश्यकता है.

अवैध खनन पर सवाल

ढेंकनाल जिला खनन कार्यालय ने पहले ही पट्टेदार को ब्लास्टिंग बंद करने का निर्देश दिया था, लेकिन खदान में नियमों का उल्लंघन जारी रहा. विस्फोट के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या खनन विभाग की कार्रवाई पर्याप्त थी. स्थानीय लोग भी खदान के अवैध संचालन पर नाराजगी जता रहे हैं और पूछ रहे हैं कि पट्टा खत्म होने के बावजूद ब्लास्टिंग क्यों जारी रही.

राहत-बचाव कार्य की जानकारी

अधिकारियों ने बताया कि मौके पर सात रेस्क्यू टीमें भेजी गई हैं. मलबे से एक शरीर का हिस्सा निकाला गया है. डॉग स्क्वॉड भी तैनात हैं ताकि फंसे हुए मजदूरों का पता लगाया जा सके. बचाव कार्य में धीरे-धीरे पत्थरों और मलबे को हटाने के लिए भारी मशीनरी का उपयोग किया जा रहा है. रेस्क्यू अभियान जारी है और स्थिति सामान्य होने में कई घंटे लग सकते हैं.

मृतकों और प्रभावित परिवारों की जानकारी

विस्फोट में जान गंवाने वालों की पहचान और परिवारों को सूचना दी जा रही है. प्रभावित मजदूरों के परिजन भी मौके पर पहुंचे और मदद की मांग कर रहे हैं. प्रशासन ने कहा कि मृतक मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा. साथ ही खदान में काम कर रहे अन्य मजदूरों की सुरक्षा और खनन गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी.