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CM ममता ने जिस फोटो को शेयर कर PM मोदी को दिया था जवाब, BJP ने फैक्ट चैक कर बताया पूरा सच!

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पश्चिम बंगाल यात्रा के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है. ममता बनर्जी ने एक पुरानी तस्वीर के जरिए प्रधानमंत्री पर निशाना साधा, जबकि भाजपा ने इसे भ्रामक बताकर तथ्य सामने रखे.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
CM ममता ने जिस फोटो को शेयर कर PM मोदी को दिया था जवाब, BJP  ने फैक्ट चैक कर बताया पूरा सच!
Courtesy: ani

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की हालिया बंगाल यात्रा के बाद बयानबाजी तेज हो गई है. ममता बनर्जी ने एक पुरानी तस्वीर का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राष्ट्रपति के प्रति सम्मान को लेकर सवाल उठाए. इसके जवाब में भाजपा ने इसे गलत तरीके से पेश किया गया मामला बताते हुए कहा कि यह तस्वीर भारत रत्न सम्मान समारोह की है, जिसमें निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया गया था.

तस्वीर को लेकर शुरू हुआ विवाद

तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक तस्वीर दिखाई गई. इस तस्वीर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खड़ी नजर आती हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुर्सी पर बैठे हुए दिखते हैं. इसी तस्वीर के आधार पर ममता बनर्जी ने सवाल उठाया कि यदि प्रधानमंत्री राष्ट्रपति का सम्मान करते हैं तो ऐसा दृश्य क्यों दिखाई दे रहा है. उन्होंने अपने सार्वजनिक कार्यक्रम में इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा पर हमला बोला.

यहां देखें वीडियो

भाजपा का फैक्ट-चेक

भाजपा ने इस आरोप का तुरंत जवाब देते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस तथ्य तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है. पार्टी के अनुसार यह तस्वीर 31 मार्च 2024 की है, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया था. उस समारोह में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सम्मान दिए जाने के दौरान अन्य लोग बैठे रहते हैं. इसलिए इसमें किसी तरह की मर्यादा का उल्लंघन नहीं हुआ.

यहां देखें वीडियो

राष्ट्रपति की बंगाल यात्रा से बढ़ा तनाव

यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संताल सम्मेलन में शामिल होने पहुंचीं. कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि आम तौर पर जब राष्ट्रपति किसी राज्य में आते हैं तो मुख्यमंत्री उनका स्वागत करते हैं. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम स्थल बदल दिए जाने से कई लोगों को वहां पहुंचने में कठिनाई हुई.

केंद्र और राज्य के बीच आरोप-प्रत्यारोप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि राष्ट्रपति के प्रति ऐसा व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. वहीं ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि कार्यक्रम एक निजी संस्था द्वारा आयोजित था और राज्य सरकार ने पहले ही आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई थी. अब इस मामले में केंद्र ने राज्य प्रशासन से रिपोर्ट भी मांगी है.