नई दिल्ली: महात्मा गांधी की नीलामी में शामिल दुर्लभ धरोहरों ने इतिहास रच दिया है. गांधीजी के हाथ से लिखे 688 दैनिक विचारों का संग्रह 16.20 करोड़ रुपये में बिका. महात्मा गांधी की यह नीलामी किसी भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज के लिए अब तक की सबसे बड़ी कीमत बन गई है. सैफ्रनआर्ट की ओर से हुई इस बिक्री में गांधीजी के पत्र, पांडुलिपियां, तस्वीरें, चरखा और निजी वस्तुओं समेत कुल 86 दुर्लभ संग्रह शामिल थे. इस विरासत की अहमियत भी बढ़ी.
नीलामी में सबसे अधिक चर्चा गांधीजी के उन हस्तलिखित विचारों की रही, जिन्हें उन्होंने अपने करीबी सहयोगी आनंद टी. हिंगोरानी के लिए लिखा था. इस संग्रह में कुल 688 दैनिक विचार शामिल हैं. गांधीजी ने इन विचारों के जरिए सत्य, अहिंसा, आत्मसंयम, सेवा और नैतिक जीवन जैसे विषयों पर अपने चिंतन को दर्ज किया था. सैफ्रनआर्ट के अनुसार यह सामग्री 1944 से 1946 के बीच लिखी गई थी और बाद में इसे एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया गया.
आनंद टी. हिंगोरानी गांधीजी के करीबी सहयोगियों में शामिल थे. वे 1930 में साबरमती आश्रम से जुड़े और आगे चलकर गांधीजी के साहित्य को सुरक्षित रखने तथा प्रकाशित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे. गांधीजी और हिंगोरानी के बीच हुए पत्राचार में निजी दुख, आध्यात्मिक चिंतन और जीवन से जुड़े विचारों की झलक मिलती है. यही वजह है कि इन दस्तावेजों को केवल ऐतिहासिक सामग्री नहीं, बल्कि गांधीजी के निजी जीवन को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है.
सैफ्रनआर्ट की इस विशेष नीलामी में हिंगोरानी के संग्रह से कुल 86 वस्तुएं रखी गई थीं. इनमें गांधीजी से जुड़े पत्र, तस्वीरें, पुस्तकें, पांडुलिपियां और दूसरी निजी धरोहरें शामिल थीं.
नीलामी की प्रमुख वस्तुओं में शामिल रहीं;
नीलामी में गांधीजी के ईश्वर और भगवद गीता से जुड़े विचारों वाली सामग्री भी आकर्षण का केंद्र रही. यह संग्रह 1.68 करोड़ रुपये में बिका. इससे पता चलता है कि गांधीजी के राजनीतिक विचारों के साथ-साथ उनके आध्यात्मिक चिंतन से जुड़े मूल दस्तावेजों की भी बड़ी मांग है.
चरखे से जुड़ी सामग्री भी करीब 1.02 करोड़ रुपये में नीलाम हुई, जबकि गांधीजी की हस्ताक्षर वाली तस्वीर ने 78 लाख रुपये की कीमत हासिल की. इस तरह पूरी नीलामी ने महात्मा गांधी से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति बढ़ती वैश्विक रुचि को सामने रखा.
इस नीलामी की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ इसकी कीमत नहीं, बल्कि गांधीजी के निजी विचारों और संबंधों को सामने लाने वाले दस्तावेज हैं. सार्वजनिक जीवन में गांधीजी को अक्सर स्वतंत्रता आंदोलन, सत्य और अहिंसा के संदर्भ में देखा जाता है. लेकिन इन दुर्लभ दस्तावेजों से उनके व्यक्तित्व का निजी और मानवीय पक्ष भी सामने आता है. 16.20 करोड़ रुपये में हस्तलिखित विचारों की बिक्री ने भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज की नीलामी में नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया है.