menu-icon
India Daily

सज्जन कुमार को अस्पताल लाने के बाद क्या हुआ? डॉक्टरों ने बताई मौत की वजह

ऑल्टर्ड सेंसोरियम कोई अलग बीमारी नहीं है. यह एक मेडिकल स्थिति है, जिसमें व्यक्ति का होश कम हो जाता है. वह आसपास के माहौल को ठीक से समझ नहीं पाता और प्रतिक्रिया भी कमजोर हो जाती है. यह हल्के भ्रम से शुरू होकर गहरी बेहोशी या कोमा तक पहुंच सकता है.

antima
Edited By: Antima Pal
सज्जन कुमार को अस्पताल लाने के बाद क्या हुआ? डॉक्टरों ने बताई मौत की वजह
Courtesy: Pinterest

Sajjan Kumar Death: कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का गुरुवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निधन हो गया. वे करीब 84 वर्ष के थे. उन्हें सुबह करीब 11 बजे तिहाड़ जेल से अस्पताल लाया गया था. अस्पताल के आधिकारिक बयान के मुताबिक उस समय उनकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी. डॉक्टरों ने इसे ऑल्टर्ड सेंसोरियम की स्थिति बताया.

सज्जन कुमार को अस्पताल लाने के बाद क्या हुआ?

ऑल्टर्ड सेंसोरियम कोई अलग बीमारी नहीं है. यह एक मेडिकल स्थिति है, जिसमें व्यक्ति का होश कम हो जाता है. वह आसपास के माहौल को ठीक से समझ नहीं पाता और प्रतिक्रिया भी कमजोर हो जाती है. यह हल्के भ्रम से शुरू होकर गहरी बेहोशी या कोमा तक पहुंच सकता है. स्ट्रोक, गंभीर संक्रमण या शरीर में ऑक्सीजन की कमी जैसी कई वजहों से यह हो सकता है.

डॉक्टरों ने बताई मौत की वजह

अस्पताल में पहुंचते ही सज्जन कुमार को तुरंत भर्ती किया गया. डॉक्टरों की टीम ने जीवन बचाने के लिए जरूरी सभी उपाय शुरू कर दिए. लाइफ सपोर्ट और इलाज के बावजूद उनकी हालत नहीं सुधरी. दोपहर करीब 12:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली.

अस्पताल ने बताया कि सज्जन कुमार लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर और पार्किंसन की बीमारी से जूझ रहे थे. हाई ब्लड प्रेशर अगर लंबे समय तक कंट्रोल में न रहे तो दिल, दिमाग और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. पार्किंसन एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो शरीर की गतिविधियों को धीमा कर देती है और कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ा सकती है. पहले भी कई बार उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था.

डॉक्टरों के अनुसार उनकी मौत किसी एक खास बीमारी से नहीं हुई. कई स्वास्थ्य समस्याएं एक साथ बढ़ने से उनकी तबीयत बिगड़ी और वे बच नहीं सके. अस्पताल ने स्पष्ट किया कि तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका. सज्जन कुमार 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में उम्रकैद की सजा काट रहे थे. तिहाड़ जेल में बंद रहने के दौरान उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बनी रहीं. परिवार और कांग्रेस के कुछ नेता अस्पताल पहुंचे. उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं.