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ऑटो-टैक्सी चलानी है तो मराठी बोलनी होगी! महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, नियम तोड़ा तो लाइसेंस पर संकट

महाराष्ट्र सरकार ने कमर्शियल यात्री वाहनों के ड्राइवरों के लिए मराठी का व्यावहारिक ज्ञान अनिवार्य कर दिया है. नियम तोड़ने पर तीन महीने तक ड्राइविंग अनुमति निलंबित और बार-बार उल्लंघन पर रद्द की जा सकती है.

KanhaiyaaZee
ऑटो-टैक्सी चलानी है तो मराठी बोलनी होगी! महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, नियम तोड़ा तो लाइसेंस पर संकट
Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में ऑटो, टैक्सी और ऐप आधारित कैब चलाने वाले ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अब सिर्फ औपचारिक शर्त नहीं रहेगा. राज्य सरकार ने महाराष्ट्र मोटर वाहन नियमों में बदलाव करते हुए इसके पालन को सख्त कर दिया है. नए प्रावधानों के तहत ड्राइवरों को मराठी बोलने की व्यावहारिक समझ दिखानी होगी. परमिट धारकों पर भी यह जिम्मेदारी लागू होगी. 15 अगस्त तक अनुपालन की समयसीमा रखी गई है, जबकि 17 अगस्त से जांच और कार्रवाई शुरू होने की बात कही गई है.

मराठी नहीं आई तो निलंबन

नए नियमों के तहत ऐप आधारित मोटर कैब के अधिकृत ड्राइवरों की मराठी दक्षता की जांच की जा सकेगी. अगर ड्राइवर निर्धारित स्तर का ज्ञान नहीं रखता है, तो लाइसेंसिंग प्राधिकरण लिखित कारण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर सकता है. पहली कार्रवाई में ड्राइविंग अनुमति को अधिकतम तीन महीने तक निलंबित किया जा सकता है. बार-बार नियम तोड़ने पर यह अनुमति पूरी तरह रद्द भी की जा सकती है.

परमिट धारकों पर भी लागू होगा नियम

सरकार ने सिर्फ ड्राइवरों तक भाषा की शर्त सीमित नहीं रखी है. नए संशोधनों के तहत परमिट धारकों के लिए भी मराठी का व्यावहारिक ज्ञान जरूरी किया गया है. इलेक्ट्रॉनिक मीटर वाली ऐप आधारित कैब के परमिट के नवीनीकरण के समय भी मराठी दक्षता अनिवार्य होगी. सक्षम अधिकारी इस ज्ञान के स्तर को संतोषजनक मानने के बाद ही संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगे.

1.1 लाख से ज्यादा ड्राइवरों ने ली ट्रेनिंग

मराठी भाषा की अनिवार्यता को लागू करने से पहले सरकार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया है. अब तक महाराष्ट्र में 1.1 लाख से अधिक गैर-मराठी भाषी ऑटो और टैक्सी ड्राइवर कार्यात्मक मराठी का प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं. मराठी आयोग के अध्यक्ष रवि गायकवाड़ ने बाकी ड्राइवरों से 15 अगस्त तक प्रशिक्षण पूरा करने की अपील की है. उनके अनुसार, 17 अगस्त से आरटीओ की टीमें बुनियादी मराठी बोलने में असमर्थ ड्राइवरों की जांच करेंगी.

17 अगस्त से शुरू होगी कार्रवाई

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के मुताबिक, संशोधन का उद्देश्य पुराने नियमों में मौजूद अस्पष्टता को दूर करना है. प्रशिक्षण पूरा करने वाले ड्राइवरों को 17 अगस्त को ठाणे में आयोजित कार्यक्रम में प्रमाणपत्र दिए जाएंगे. राम गणेश गडकरी रंगायतन में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार समेत कई नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है. सफल प्रशिक्षित ड्राइवरों को कोंकण मराठी साहित्य परिषद की ओर से भी प्रमाणपत्र मिलेंगे.