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Kunal Kamra News: कॉमेडियन कुणाल कामरा को फिर मिली राहत, मद्रास हाईकोर्ट ने बढ़ाई अग्रिम जमानत

कॉमेडियन कुणाल कामरा को एक बार फिर राहत मिल गई है. मद्रास हाईकोर्ट ने कॉमेडियन की अग्रिम जमानत बढ़ा दी है. स्टैंड-अप कॉमेडियन के वकील ने आज कोर्ट से संपर्क कर महाराष्ट्र में कामरा के खिलाफ दर्ज की गई तीन नई एफआईआर के बारे में जानकारी दी.

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Edited By: Antima Pal
Kunal Kamra News: कॉमेडियन कुणाल कामरा को फिर मिली राहत, मद्रास हाईकोर्ट ने बढ़ाई अग्रिम जमानत
Courtesy: social media

Comedian Kunal Kamra: कॉमेडियन कुणाल कामरा को एक बार फिर राहत मिल गई है. मद्रास हाईकोर्ट ने कॉमेडियन की अग्रिम जमानत बढ़ा दी है. जी हां सामने आई लेटेस्ट जानकारी के मुताबिक मद्रास उच्च न्यायालय ने सोमवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर मुंबई में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में कॉमेडियन कुणाल कामरा को दी गई अंतरिम अग्रिम जमानत 17 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है. 

कॉमेडियन कुणाल कामरा को फिर मिली राहत

स्टैंड-अप कॉमेडियन के वकील ने आज कोर्ट से संपर्क कर महाराष्ट्र में कामरा के खिलाफ दर्ज की गई तीन नई एफआईआर के बारे में जानकारी दी. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कुणाल कामरा से अच्छा बर्ताव नहीं किया है. बता दें कि स्टैंड-अप कॉमेडियन ने एक वीडियो अपलोड करने के बाद विवाद खड़ा कर दिया था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का अपमान किया था.

मद्रास हाईकोर्ट ने बढ़ाई अग्रिम जमानत

28 मार्च को कोर्ट ने कुणाल कामरा को 7 अप्रैल तक अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी थी. कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था. मामले की सुनवाई मंगलवार 8 अप्रैल को जस्टिस सारंग कोतवाल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ द्वारा की जाएगी.

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को कहा था 'गद्दार'?

बता दें कि स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने मुंबई में एक शो के दौरान एक पैरोडी गाई थी. जिसमें कथित तौर गाने में उन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को 'गद्दार' कहा था. बॉम्बे उच्च न्यायालय में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए दायर याचिका में कुणाल कामरा ने तर्क दिया कि उनके खिलाफ मामला उनके भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार तथा जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है.