नई दिल्ली: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में एक सीट ऐसी भी है जिसपर सभी की निगाहें रहने वाली हैं. इस सीट को लेकर सियासी सरगर्मी भी तेज हो गई है. यहां पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी समीकरण सेट किए जा रहे हैं. दतिया जिले में तीन विधानसभा सीट दतिया, सेंवढ़ा, भांडेर आती हैं. तो चलिए हम आपको प्रदेश की हाईप्रोफाइल सीट दतिया (Dati) का पूरा राजनीतिक समीकरण बताते हैं.
नरोत्तम मिश्रा का है दबदबा
बीजेपी के कद्दावर नेता और प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) दतिया से ही चुनाव लड़ते हैं. इस सीट पर जीत प्रत्याशी के चेहरे पर निर्भर करती है. एक तरफ यहां शिवराज सरकार में शामिल गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का दबदबा है तो वहीं दूसरी तरफ बीएसपी के पूर्व नेता फूल सिंह बरैया के कांग्रेस में शामिल होने से इलाके में पार्टी का कद बढ़ा है. इलाके में बरैया की भी मजबूत पकड़ है.
नरोत्तम मिश्रा के नाम है ये रिकॉर्ड
दतिया विधानसभा सीट पर बीजेपी को पहली बार 1990 में जीत मिली थी. इस सीट पर 2018 के विधानसभा चुनाव में डॉ नरोत्तम मिश्रा के जीतने के साथ ही उनके नाम लगातार तीन बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड है. इससे पहले दो बार लगातार विधायक बनने का रिकॉर्ड कांग्रेस के श्यासुंदर श्याम के नाम था. दतिया विधानसभा सीट पर पहली बार 1952 में चुनाव हुआ था. तब से अब तक 15 बार चुनाव हुए हैं. पिछले चार चुनावों से बीजेपी के जीतने का रिकॉर्ड है. ये सीट पर एक बार समाजवादी पार्टी के खाते में भी गई है.

दतिया विधानसभा सीट का इतिहास
2018 में बीजेपी के नरोत्तम मिश्रा
2013 में बीजेपी के नरोत्तम मिश्रा
2008 में बीजेपी के नरोत्तम मिश्रा
2003 में बीजेपी के रामदयाल प्रभाकर
1998 में एसपी से राजेंद्र भारती
1993 में कांग्रेस के घनश्याम सिंह
1990 में बीजेपी के शंभू तिवारी
1985 में कांग्रेस से राजेंद्र भारती
1980 में कांग्रेस के श्याम सुंदर श्याम
1977 में कांग्रेस के श्याम सुंदर श्याम
क्या कहते हैं आकड़े
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में दतिया में 190905 मतदाता थे. जिसमें 102632 मतदाता पुरुष और 88261 महिला वोटर थीं. कुल 147672 वोट पड़े थे. बीजेपी के नरोत्तम मिश्रा को 72209 वोट पाकर विजयी हुए थे. मुख्य प्रतिद्वंदी कांग्रेस प्रत्याशी भारती राजेंद्र 69,553 वोट पाकर हार गए थे.
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