menu-icon
India Daily

Lokpal Act: लोकपाल को मिली 2,400 से अधिक भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें, 2,350 का हुआ निपटारा- केंद्र

मंत्री ने आगे बताया कि लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 को देश में 16 जनवरी 2014 को लागू किया गया था. यह अधिनियम भ्रष्टाचार के खिलाफ पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था. इसके तहत, लोकपाल को उच्चस्तरीय सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करने का अधिकार प्राप्त है.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
Lokpal Act: लोकपाल को मिली 2,400 से अधिक भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें, 2,350 का हुआ निपटारा- केंद्र
Courtesy: Pinterest

Lokpal Act: केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसद में जानकारी दी कि अब तक लोकपाल को भ्रष्टाचार से जुड़ी 2,400 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 2,350 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है.

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि लोकपाल को कुल 2,400 से अधिक भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2,350 मामलों का निपटारा किया जा चुका है.

लोकपाल अधिनियम और इसकी भूमिका

मंत्री ने आगे बताया कि लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 को देश में 16 जनवरी 2014 को लागू किया गया था. यह अधिनियम भ्रष्टाचार के खिलाफ पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था. इसके तहत, लोकपाल को उच्चस्तरीय सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करने का अधिकार प्राप्त है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई

सरकार ने भ्रष्टाचार के मामलों को तेजी से निपटाने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं. लोकपाल को प्राप्त शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी प्रणाली विकसित की गई है. लोकपाल भ्रष्टाचार के मामलों की निष्पक्ष जांच कर, दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करता है.

आगे की रणनीति

सरकार पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए लोकपाल की प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाने पर विचार कर रही है. इस संबंध में सुधारात्मक उपायों को लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन को सुनिश्चित किया जा सके.

लोकपाल को मिली शिकायतों का तेजी से समाधान यह दर्शाता है कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े कदम उठा रही है. हालांकि, आने वाले समय में और अधिक सख्त नियम और प्रभावी निगरानी तंत्र की जरूरत होगी, ताकि भ्रष्टाचार पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके.