Lok Sabha Election 2024: ताश के पत्तों की तरह बिखर रही कांग्रेस की टीम, केरल में भी लगा झटका, जानें अब तक कितने विकेट गिरे
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष की कांग्रेस पार्टी को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं. कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाले केरल में एक साल में दो बड़े नेता पार्टी से अलविदा कह चुके हैं.
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव से कांग्रेस पार्टी को केरल में फिर से एक बड़ा झटका लगा है. पूर्व मुख्यमंत्री के करुणाकरण की बेटी और कांग्रेस की प्रमुख नेता पद्मजा वेणुगोपाल भारतीय जनता पार्टी को ज्वॉइन करने वाली हैं. उन्होंने ऐलान किया है कि वह कल यानी 8 मार्च को भाजपा में शामिल होंगी. केरल में ये घटना पूर्व मुख्यमंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी के भाजपा में शामिल होने के करीब एक साल बाद हुई है. इतना ही नहीं हाल के समय में कांग्रेस को छोड़ने वाले नेताओं की लिस्ट भी काफी लंबी है.
पद्मजा वेणुगोपाल ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने ऐसी स्थितियां पैदा कर हैं कि मुझे ये निर्णय लेने के लिए मजबूर होना पड़ा. साल 2021 के विधानसभा चुनाव (त्रिशूर) में कांग्रेस ने मुझे हरा दिया. पद्मजा ने कहा, मैं जानती हूं कि किसने मेरे खिलाफ काम किया था. मैंने इसकी शिकायत पार्टी से भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.
पद्मजा ने लगाए कांग्रेस पर गंभीर आरोप
पद्मजा ने कहा कि वह बिना किसी शर्त बीजेपी में शामिल हो रही हैं. उन्होंने मुझसे चुनाव लड़ने के लिए नहीं कहा है और न ही मैंने उनसे राज्यसभा सीट मांगी है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने उनकी शिकायत अनसुनी कर दी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेताओं ने मेरे फोन तक नहीं उठाए थे.
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पद्मजा के इस फैसले से कांग्रेस परेशान है क्योंकि त्रिशूर में पार्टी रैलियों में भाग लेने के तीन दिन बाद उनका फैसला सामने आया है. यहां भाजपा भी अपने जनधार को बढ़ाने में जुटी हुई है. उन्होंने बुधवार को भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पार्टी के पोस्ट शेयर किए थे. उधर, पद्मजा के भाई और कांग्रेस के वडकारा सांसद के मुरलीधरन ने बहन की आलोचना की है. कहा कि वह उनके साथ सभी संबंध तोड़ रहे हैं.
कांग्रेस छोड़ी तो पद्मजा के भाई ने रिश्ता तोड़ा
के मुरलीधरन ने कहा कि वडकारा के वोटर मुझे अच्छी तरह से जानते थे. वे जानते हैं कि मैं भाजपा और उसकी सांप्रदायिकता के खिलाफ मजबूती से लड़ रहा हूं. उन्होंने कहा कि पद्मजा के बीजेपी में शामिल होने से वडकारा के चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा. मेरे पिता की आत्मा उन्हें कभी माफ नहीं करेगी. वह मेरी बहन है, लेकिन कोई समझौता नहीं है.
कांग्रेस के सीनियर विधायक और पूर्व विपक्ष नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि पद्मजा का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है. हालांकि उन्होंने कहा कि इसका केरल में कांग्रेस पर कोई असर नहीं पड़ेगा. केरल के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें हर मौके पर तवज्जो दी है. उनके पिता हमेशा सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ते थे.
आखिर किस कारण से नाराज हुईं पद्मजा
पार्टी सूत्रों के मुताबिक पद्मजा विधानसभा चुनाव हारने के बाद से नाराज चल रही थीं. बाद में उन्हें राज्यसभा के लिए नामांकन की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी ने उन पर विचार नहीं किया. उन्हें लोकसभा चुनाव का टिकट भी नहीं दिया. जबकि कांग्रेस ने सभी मौजूदा सांसदों को मैदान में उतारने का फैसला किया है. कहा जाता है कि पद्मजा जिला कांग्रेस समितियों के पुनर्गठन के दौरान त्रिशूर में उनके प्रत्याशियों को जगह नहीं दिए जाने से भी नाखुश थीं.
कांग्रेस को छोड़ने वाले नेताओं की लिस्ट लंबी
कांग्रेस को छोड़ने वाली पद्मजा वेणुगोपाल कोई पहली नेता नहीं हैं. इनसे पहले भी एक लंबी फैहरिस्त है, जिन्होंने किसी न किसी कारण से पार्टी को अलविदा कहा है. साल 2020 में 22 विधायकों के साथ ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ दी थी. इनके अलावा जितिन प्रसाद, अमरिंदर सिंह, आरपीएन सिंह, अश्विनी कुमार, कपिल सिब्बल, सुनील जाखड़, गुलाम नवी आजाद, मिलिंद देवड़ा और अशोक चव्हाण ने भी कांग्रेस से किनारा किया था. हाल ही में गुजरात से दो और राजस्थान से एक नेता ने कांग्रेस छोड़ दी है.