दिल्ली विधानसभा चुनाव में इस बार राजनीतिक दल बदलने वाले कई नेताओं ने बड़ी जीत दर्ज की है. विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले कई पूर्व कांग्रेसी और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता विजयी रहे.
भाजपा ने 70 में से 48 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की. इस चुनाव में कई बड़े चेहरे, जो पहले कांग्रेस या आप से जुड़े थे, भाजपा के टिकट पर विजयी हुए.
अरविंदर सिंह लवली और राज कुमार चौहान को मिली जीत
पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रहे अरविंदर सिंह लवली और राज कुमार चौहान ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की. अरविंदर सिंह लवली, जो कांग्रेस की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, ने गांधी नगर सीट से जीत दर्ज की और अपने प्रतिद्वंद्वी को 12,748 मतों के अंतर से हराया.
राज कुमार चौहान ने मंगोलपुरी विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी के रूप में 6,255 मतों के अंतर से जीत हासिल की.
अन्य प्रमुख भाजपा विजेता
नीरज बसोया, जिन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था, ने कस्तूरबा नगर सीट से 11,048 मतों के अंतर से जीत दर्ज की. पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत, जिन्होंने चुनाव से कुछ महीने पहले आप छोड़कर भाजपा जॉइन की थी, बिजवासन सीट से 11,276 वोटों से विजयी रहे. करतार सिंह तंवर, जिन्होंने हाल ही में आप छोड़ भाजपा का दामन थामा, ने छतरपुर सीट पर 6,239 मतों के अंतर से जीत हासिल की.
आप में शामिल होने वाले नेताओं की भी बड़ी जीत
दूसरी ओर, भाजपा छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए अनिल झा और प्रवेश रत्न ने भी सफलता पाई.अनिल झा ने किराड़ी सीट से 21,871 वोटों से जीत दर्ज की. प्रवेश रत्न ने पटेल नगर (एससी) सीट से भाजपा के राज कुमार आनंद को 4,049 वोटों से हराया.
कांग्रेस से आप में आए नेताओं की सफलता
कांग्रेस छोड़कर आप में आए वीर सिंह धिंगान और चौधरी जुबैर अहमद ने भी जीत दर्ज की. वीर सिंह धिंगान ने सीमापुरी सीट से 10,368 वोटों से जीत हासिल की. चौधरी जुबैर अहमद ने सीलमपुर सीट से 42,477 वोटों से विजय प्राप्त की. इस चुनाव में दलबदल करने वाले नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. भाजपा और आप, दोनों दलों ने अन्य पार्टियों के प्रभावशाली नेताओं को शामिल कर जीत दर्ज की.