कर्नाटक में भाषा विवाद; दुकानों के साइन बोर्ड पर अंग्रेजी की जगह कन्नड़ की मांग, समर्थकों का हंगामा

सिद्धारमैया के पिछले कार्यकाल के दौरान भी कुछ इसी तरह का विरोध प्रदर्शन हुआ था. उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बेंगलुरु मेट्रो स्टेशनों पर हिंदी में लिखी गई जानकारी पर टेप लगा दिया था. 

Om Pratap

Language row Raksha Vedhike Protestors demanding nameplates in Kannada: कर्नाटक में भाषा विवाद बुधवार को उस समय बढ़ गया जब कर्नाटक रक्षा वेदिके के कार्यकर्ताओं ने दुकानों की साइनबोर्ड पर कन्नड़ में जानकारी लिखी होने की मांग की. कुछ जगहों पर कर्नाटक रक्षा वेदिके के कार्यकर्ताओं ने हिंसक प्रदर्शन भी किया और अंग्रेजी में लिखे साइनबोर्ड को फाड़ दिया. हंगामे की जानकारी के बाद पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कर्नाटक रक्षा वेदिके के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. 

बता दें कि ये विरोध प्रदर्शन बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के उस बयान के एक दिन बाद हुआ, जिसमें कहा गया है कि 28 फरवरी तक दुकानों के साइनबोर्ड या फिर नेमबोर्ड पर 60 प्रतिशत कन्नड़ में जानकारी होनी चाहिए. इस नियम का पालन नहीं करने वाली दुकानों, होटलों और मॉल के लाइसेंस को निलंबित कर दिया जाएगा. 

जानकारी के मुताबिक, शहर के नागरिक निकाय ने आदेश दिया है कि सभी होटलों, मॉल और अन्य दुकानों को अपने नाम बोर्डों पर अनिवार्य रूप से कन्नड़ का उपयोग करना होगा. साथ ही यह भी कहा गया है कि जो लोग इसका पालन नहीं करेंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. 

बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी कर्नाटक में रहने वालों को कन्नड़ भाषा सीखने की सलाह दे चुके हैं. सिद्धारमैया के पिछले कार्यकाल के दौरान भी कुछ इसी तरह का विरोध प्रदर्शन हुआ था. उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बेंगलुरु मेट्रो स्टेशनों पर हिंदी में लिखी गई जानकारी पर टेप लगा दिया था.