'BJP को सता रहा हार का डर, इसलिए नहीं करा रही निकाय चुनाव', कुमारी सैलजा का हरियाणा सरकार पर जुबानी वार

Kumari Selja: हरियाणा विधानसभा चुनाव दिनों दिन और भी रोमांचक होता जा रहा है. जैसे-जैसे चुनावी तारीख नजदीक आ रही है वैसे-वैसे राजनीतिक दलों के बीच गहमा-गहमी बढ़ती जा रही है. इसी कड़ी में कांग्रेस नेत्री कुमारी सैलजा ने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी को अपनी हार का एहसास अभी से हो गया है.

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Kumari Selja: हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप और प्रत्यारोप लगा रहे हैं. जैसे-जैसे चुनावी तारीख नजदीक आ रही है पार्टियों के बीच गहमा-गहमी बढ़ती दिख रही है. हरियाणा में  8 नगर निगम, चार नगर परिषद व 21 नगर पालिका के निवासी चुनाव लंबित है. इसी मुद्दे को उठाते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा से लोकसभा सांसद कुमारी सैलजा हरियाणा की सैनी सरकार पर जुबानी हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी सरकार की राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है. उनके नेताओं को इस बात का आभास भी हो चुका है. 

कुमारी सैलजा ने कहा कि बीजेपी को अपनी हार का एहसास हो चुका है इसलिए वह हार के डर से शहरी निकायों के चुनाव कराने कतरा रही है. हरियाणा रे 8 नगर निगम, चार नगर परिषद व 21 नगर पालिका के निवासी चुनाव भी तक लंबित हैं. प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही सबसे पहले हम शहरी निकायों के लंबित चुनाव को कराएंगे.

सत्ता में आते ही कराएंगे निकाय चुनाव- कुमारी सैलजा

हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने कमर कस ली है. कांग्रेस और बीजेपी के बीच जोरदार टक्कर देखने को मिल रही है. कांग्रेस सैनी सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस नेत्री कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में 11 नगर निगमों में से सिर्फ 3 पंचकूला, अंबाला शहर व सोनीपत को ही इस समय जनता के चुने नुमाइंदे चला रहे हैं. हमारी सरकार बनते ही हम तत्कालल प्रभाव से इन चुनावों को संपन्न कराया जाएगा. गुड़गांव व फरीदाबाद नगर निगम बहुत पहले ही खत्म हो चुका है. हिसार, पानीपत, रोहतक, यमुनानगर, करनाल नगर निगम का कार्यकाल दिसंबर में खत्म हो चुका था. अंबाला, थानेसर, सिरसा, नगर पालिका कालांवाली, सिवानी, आदमपुर, बराड़ा, रादौर, बवानी खेड़ा, लोहारू, जाखल मंडी, फर्रूखनगर, नारनौंद, बेरी, जुलाना, पूंडरी, कलायत, नीलोखेड़ी, अटेली मंडी, कनीना, तावड़ू, हथीन, कलानौर, खरखौदा नगर परिषद का भी चुनाव कई सालों से लंबित पड़ा हुआ है. चुनाव को न कराना बीजेपी की दशा को दर्शा रहा है.

'बिना पार्षद के नहीं हो सकता विकास'

शहरी विकास की बात करते हुए और बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि सही मायनों में पार्षदों के बिना किसी भी शहर के विकास का सही खाका खींचा ही नहीं जा सकता. क्योंक एक आम आदमी पार्षद तक आसानी से पहुंच सकता है लेकिन एक सांसद या फिर विधायक तक नहीं. शहर में नगर निगम का चुनाव न होने से अधिकारियों के हाथ में पावर होती है और वो अपनी मनमानी करते हैं. पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने सत्ता के विकेंद्रीकरण का सपना देखा था, राजीव गांधी पंचायती राज और नगर पालिका विधेयक के सूत्रधार थे.

राजीव गांधी के विजन के बारे में बात करते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि  राजीव जी यह मानते थे कि सरकार में सहभागिता से अथाह ऊर्जा उत्पन्न होगी और यह समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव करेगी.