Kolkata Rape and Murder Case: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य संदीप घोष की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं. केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने दावा किया है कि वह किसी बड़े गठजोड़ का हिस्सा है, जो अवैध कामों में लिप्त है. सीबीआई ने कहा है कि उसके गठजोड़ को बेनकाब करना जरूरी है. सीबीआई अब उसके खिलाफ आर्थिक धांधली से जुड़े मामलों की भी छानबीन कर रही है. स्पेशल कोर्ट में सीबीआई ने इन सारी बातों का खुलासा किया है. वह फिलहाल 10 सितंबर तक सीबीआई की हिरासत में है.
जब संदीप घोष को कोर्ट में पेशी के लिए लाया जा रहा था तो कोर्ट के बाहर मौजूद भीड़ आक्रोशित हो गई थी. लोगों ने नारे लगाने शुरू कर दिए थे. उसे 12 CBI अधिकारियों की घेराबंदी और 25 सीआरपीएफ कर्मचारियों की मौजूदगी में कोर्ट में पेश किया गया. जनता उसे मारने के लिए बेचैन नजर आई.
संदीप घोष पर दो बार जनता का गुस्सा फूटा. संदीप घोष पर थप्पड़ भी पड़ा. संदीप घो के साथ उसके सिक्योरिटी गार्ड अफसर अली खान, आरजी कर हॉस्पिटल के वेंडर बिप्लब सिंघा, हावड़ा मेडिकल शॉप के मालिक सुमन हाजरा को गिरफ्तार किया गया है. सुमन हजारा पर आरोप है कि वह आरजी कर हॉस्पिटल में पुरानी दवाइयां बेचता था.
संदीप घोष के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप है. प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 7 लगाई गई है. यह जब कोई सरकारी अधिकारी अवैध तरीके से लाभ लेता है, तब लगाई जाती है. पीसीए एख्ट की धारा 13 (2) भी लगाई गई है, जब कोई सिविल सर्वेंट आपराधिक दुर्व्यवहार करता है, तब ये धारा लगती है. IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), धारा 409 और 476 लगाई गई है. यह दस्तावेजों में धांधली से संबंधित धारा है.
CBI के वकील रामबाबू कनौजिया ने कोर्ट से कहा कि गिरफ्तार चारों लोग इस गठजोड़ का हिस्सा हैं और इसमें और भी लोग शामिल हैं. उन्होंने कहा, 'इसमें एक बड़ा गठजोड़ है, जिसकी जांच होनी चाहिए.'
दोपहर करीब 3.30 बजे, जब आरोपियों को एजेसी बोस रोड पर निजाम पैलेस में सीबीआई के एंटी करप्शन ब्रांच के दफ्तर से बाहर लाया गया तो सैकड़ों लोग भड़क उठे. लोगों ने चोर-चोर के नारे लगाए. लोगों ने शर्म करो-शर्म करो के नारे भी लगाए. भीड़ उन्हें गाली दे रही थी.
कोर्ट रूम के अंदर महिला वकीलों ने भी संदीप घोष को पीट दिया. चेहरा बांधकर आएऔर यहां तक कि उन्हें जोरदार थप्पड़ भी मारे. जब तीन अन्य लोग अपने चेहरे ढके हुए कोर्ट रूम में दाखिल हुए, तो वकीलों के एक वर्ग ने जोरदार हंगामा किया और मांग की कि उनके चेहरे खुले रखे जाएं. अब सीबीआई के नए आरोपों के बाद संदीप घोष की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.