'शिकायत दर्ज होने तक मुझे ट्रेनी डॉक्टर की मौत के बारे में नहीं पता था', RG कर हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल का दावा
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का दावा है कि ट्रेनी डॉक्टर की रेप और हत्या मामले की जानकारी तब तक नहीं मिली थी, जब तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कर ली गई थी. उन्होंने बताया कि मुझे 9 अगस्त को सुबह 10.20 बजे पीजीटी डॉक्टर की मौत की सूचना मिली थी. फिलहाल, सीबीआई संदीप घोष से पूछताछ कर रही है. उनका दो बार पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया गया है.
कोलकाता आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष ने दावा किया है कि पुलिस में शिकायत दर्ज होने तक उन्हें ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि पीजीटी डॉक्टर की मौत की जानकारी 9 अगस्त को सुबह 10.20 बजे मिली. इससे करीब 50 मिनट पहले यानी 9 बजकर 30 मिनट पर फर्स्ट ईयर के पीजीटी स्टूडेंट ने ट्रेनी डॉक्टर की लाश को सेमिनार हॉल में पड़ा देखा था. करीब 10 मिनट बाद आरजी कर पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों ने ताला पुलिस स्टेशन को फोन किया. ताला पुलिस स्टेशन में जीडी नंबर 542 सुबह 10.10 बजे दर्ज किया गया.
कोलकाता आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का अब तक दो बार पॉलीग्राफ टेस्ट हो चुका है. उनसे कोलकाता पुलिस और सीबीआई ने भी पूछताछ की है. घोष के अनुसार, आरजी कर में रेस्पिरेटरी मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर सुमित रॉय तापदार ने उन्हें सुबह 10 बजे मोबाइल पर कॉल किया था. हालांकि, वे उस दौरान नहा रहे थे, इसलिए फोन नहीं उठा सके. घोष ने कहा कि उन्होंने सुबह करीब 10.20 बजे तापदार को वापस कॉल किया और तभी उन्हें पहली बार पीजीटी डॉक्टर की मौत के बारे में पता चला.
अस्पताल पहुंचते-पहुंचते कई लोगों से ली जानकारी
संदीप घोष ने कहा कि मामले की जानकारी के बाद वे अस्पताल पहुंचे थे और रास्ते में अस्पताल के कई लोगों और ताला पुलिस स्टेशन में फोन कर जानकारी ली थी. संदीप घोष ने जिन अन्य लोगों को फोन किया था, उनमें एमएसवीपी संजय वशिष्ठ, रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष सुदीप्तो रॉय और चेस्ट मेडिसिन एचओडी अरुणाभ दत्ता चौधरी शामिल हैं.
उधर, रिपोर्ट के मताबिक घटना वाले दिन अस्पताल में कई ऐसे लोग मौजूद थे जो आरजी कर से संबंधित नहीं थे, लेकिन घोष को जानते थे. वे सभी लोग अस्पताल पहुंच चुके थे, इससे पहले कि पीड़िता के माता-पिता को अस्पताल से फोन आता कि उनकी बेटी ने 'आत्महत्या' कर ली है. फिलहाल, जांचकर्ता ये जानना चाहते हैं कि उन्हें (पीड़िता के माता-पिता) इस घटना की सूचना किसने दी और फोन करने वाले को ऐसा (आपकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है) कहने के लिए किसने निर्देश दिया?
सीबीआई अब इस बात की भी जांच कर रही है कि जब पुलिस आरजी कर अस्पताल पहुंची तो संदीप घोष वहां क्यों नहीं थे? घोष के कॉल डिटेल्स का स्टडी करने के अलावा, जांचकर्ता अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी से भी बात कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि सीबीआई कुछ और पॉलीग्राफ टेस्ट भी करवा सकती है. मुख्य आरोपी संजय रॉय की ओर से प्रशासकों की भूमिका के बारे में कोई सुराग न दिए जाने के कारण, केंद्रीय जांच एजेंसी फिलहाल 9 अगस्त की सुबह गेट पर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्डों से भी पूछताछ कर रही है.