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India Daily

किश्तवाड़ में सेना के जवानों का आतंकियों से दो-दो हाथ, जैश के 3 दहशतगर्दों के घिरे होने की आशंका

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है. जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन आतंकियों के घिरे होने की आशंका है. अभियान अब भी चल रहा है.

Kanhaiya Kumar Jha
किश्तवाड़ में सेना के जवानों का आतंकियों से दो-दो हाथ, जैश के 3 दहशतगर्दों के घिरे होने की आशंका
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा इलाके में रविवार को उस समय तनाव फैल गया, जब सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई. यह मुठभेड़ एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान हुई. शुरुआती जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी इलाके में फंसे हुए हैं. सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया है और अतिरिक्त बल मौके पर भेजे गए हैं.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ दोपहर के समय उस वक्त शुरू हुई, जब सुरक्षा बल ऑपरेशन त्राशी-1 के तहत चत्रू क्षेत्र के सोनार गांव में तलाशी अभियान चला रहे थे. यह इलाका मंडराल-सिंघोरा के पास स्थित है. जैसे ही बलों ने इलाके को घेरकर तलाशी शुरू की, आतंकियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी होने लगी.

जैश के आतंकियों के घिरे होने की आशंका

सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े तीन आतंकियों के शामिल होने की आशंका है. बताया जा रहा है कि आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड भी फेंके. रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है. कुछ जवानों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. सुरक्षा एजेंसियां पूरे हालात पर नजर बनाए हुए हैं.

सेना और पुलिस का संयुक्त अभियान

भारतीय सेना ने बताया कि यह मुठभेड़ जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर चलाए जा रहे संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान हुई. सेना के अनुसार, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने पूरी सतर्कता और पेशेवर तरीके से जवाब दिया. इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और नागरिक प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखा गया है. अभियान के खत्म होने तक पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है.

हाल के महीनों में बढ़ी घटनाएं

किश्तवाड़ और आसपास के इलाकों में बीते कुछ महीनों में मुठभेड़ों की संख्या बढ़ी है. इससे पहले 8 जनवरी को कठुआ जिले में भी ऐसी ही मुठभेड़ हुई थी. नवंबर 2025 में किश्तवाड़ के चत्रू इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच गोलीबारी हुई थी. उस समय खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त अभियान चलाया गया था, जिसमें आतंकियों ने बलों पर फायरिंग की थी.

पहाड़ी इलाकों में नई रणनीति

सेना के अधिकारियों के अनुसार, जम्मू क्षेत्र के किश्तवाड़ और डोडा के पहाड़ी जंगलों में करीब 35 पाकिस्तानी आतंकियों के छिपे होने की आशंका है. इसी को देखते हुए सेना ने नई आतंकवाद-रोधी रणनीति अपनाई है. अब सर्दियों में भी ऊंचाई वाले बर्फीले इलाकों में अभियान तेज किए जा रहे हैं. थर्मल इमेजिंग और ड्रोन तकनीक की मदद से रात और दुर्गम इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है.