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India Daily

अभिषेक बनर्जी के पहुंचने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर भिड़े TMC-BJP कार्यकर्ता, चले लात-घूसे

कोलकाता एयरपोर्ट पर अभिषेक बनर्जी के पहुंचने से ठीक पहले टीएमसी और भाजपा समर्थकों के बीच जमकर झड़प हुई.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
अभिषेक बनर्जी के पहुंचने से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर भिड़े TMC-BJP कार्यकर्ता, चले लात-घूसे
Courtesy: Screenshot from ANI

दिल्ली से लौटते वक्त टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचने से पहले ही वहां माहौल गरमा गया. अराइवल गेट के पास टीएमसी और भाजपा समर्थक आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते बात हाथापाई तक पहुंच गई, जिसके बाद पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

एयरपोर्ट पर झड़प

घटना उस समय हुई जब अभिषेक बनर्जी दिल्ली से कोलकाता लौट रहे थे और उनके स्वागत के लिए टीएमसी कार्यकर्ता पहले से एयरपोर्ट पर मौजूद थे. इसी दौरान भाजपा समर्थक भी वहां जुट गए, जिसे लेकर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि वे अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेंकने की मंशा से आए थे. यह बात सुनते ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गई. स्थिति इतनी बिगड़ी कि एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सुरक्षाकर्मियों को तुरंत हरकत में आना पड़ा. पुलिस बल की मदद से दोनों गुटों को अलग किया गया, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी किसी दूसरे गेट से सुरक्षित बाहर निकल पाए.

दिल्ली दौरे की असली वजह

दरअसल, अभिषेक बनर्जी का यह दिल्ली दौरा तृणमूल कांग्रेस के अंदरूनी विवाद से जुड़ा था. पार्टी के कुछ सांसद नई पार्टी बनाने या दूसरे दल में शामिल होने की कोशिश में लगे हैं, जिसे लेकर अभिषेक ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की. उन्होंने ऐसे करीब बीस सांसदों के खिलाफ औपचारिक शिकायत सौंपते हुए मांग की कि उनकी संसद सदस्यता तुरंत रद्द की जाए. पार्टी के प्रति वफादारी न निभाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है.

बागी नेताओं को अभिषेक की सीधी चेतावनी

पार्टी के भीतर मौजूद असंतुष्ट नेताओं को लेकर अभिषेक बनर्जी ने बेहद सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि चुनाव में हार-जीत राजनीति का हिस्सा है लेकिन अगर कोई डर या पैसों के लालच में पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामता है या मैदान से भाग खड़ा होता है, तो बंगाल की राजनीति में ऐसे लोगों की कोई जगह नहीं बचेगी. उन्होंने यह चुनौती भी दी कि अगर किसी नेता को उनकी बातों से आपत्ति है, तो वह अदालत का रुख कर सकता है.