ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत पर भड़का कश्मीरियों का गुस्सा, हाथों में फोटो-पोस्टर लेकर सड़क पर उतरे लोग

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन पर कश्मीर के लोग विरोध प्रकट कर रहे हैं. लोगों ने खामेनेई की मौत को शिया मुस्लमानों के खिलाफ माना है.

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Shanu Sharma

ईरान के सु्प्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है. कश्मीर घाटी में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर गए हैं. हाथों में खामेनेई के फोटो और पोस्टर लेकर लोग 'खामेनेई जिंदाबाद' और 'अमेरिका-इजरायल मुर्दाबाद' के नारे लगा रहे हैं. 

कश्मीर के लोगों खामेनेई के निधन पर विरोध  जता रहे हैं. इसके पीछे धार्मिक भावनाएं मानी जा रही है. हालांकि कुछ लोगों खामेनेई को फिलिस्तीन के समर्थक के रूप में देखते हैं, ऐसे में उनका निधन फिलिस्तीनियों के खिलाफ बताया जा रहा है.  

खामेनेई की मौत पर क्यों भड़के कश्मीरी?

ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अपने समय में कई बार कश्मीर के मुद्दे पर समर्थ दिया है. शिया समुदाय के लोगों उन्हें एक धार्मिक गुरु के रूप में देखते हैं, उन्हें इस्लाम के एकजुटता और शिया मुस्लिम ग्रुप के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है. जिसकी वजह से कश्मीर के लोग उनके निधन की खबर को नहीं मान पा रहे हैं.

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' चलाया. हालांकि शिया मुस्लिम समुदाय के लोग इसे अपने खिलाफ मानते हैं. मिल रही जानकारी के मुताबिक इस ऑपरेशन में ना केवल खामेनेई बल्कि ईरान के टॉप 40 नेताओं का निधन की खबर है. जिसकी वजह से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव का माहौल बना हुआ है. 

मिडिल ईस्ट में बढ़ रहा तनाव 

कश्मीर के लोग सुप्रीम लीडर की मौत ना केवल एक राजनीतिक घटना के रूप में बल्कि सामुदायिक भावनाओं के रूप में देख रहे हैं. जिसकी वजह से उनका गुस्सा और भी ज्यादा बढ़ गया है. लोग इस घटना पर विरोध प्रकट कर रहे हैं. जिसका असर भारतीय राजनीति पर भी पड़ सकता है. इजरायल के इस घटना से कुछ समय पहले ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल दौरे पर गए थे. हालांकि उनका यह दौरा भारत और इजरायल के बीच रक्षा समझौता और व्यापार को लेकर था. लेकिन इसे भी कई लोग ईरान के खिलाफ देख रहे हैं. इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद ईरान कतर, जार्डन और दुबई को निशाना बना रहा है. कुल मिलाकर अभी कुछ दिनों तक मिडिल ईस्ट में राहत नजर नहीं आ रही है.