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Kanwar Yatra 2025: कांवड़ यात्रियों के लिए VHP की खास पहल, दिल्ली के सभी शाकाहारी दुकानों पर लगेगा 'सनातनी' स्टिकर

Kanwar Yatra: कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने एक अनूठी पहल शुरू की है. संगठन ने कांवड़ मार्गों पर स्थित रेस्तरां, भोजनालयों और किराने की दुकानों पर 'सनातनी' स्टिकर चिपकाना शुरू किया है, जो यह प्रमाणित करते हैं कि ये दुकानें केवल शाकाहारी भोजन बेचती हैं.

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Edited By: Babli Rautela
Kanwar Yatra 2025: कांवड़ यात्रियों के लिए VHP की खास पहल, दिल्ली के सभी शाकाहारी दुकानों पर लगेगा 'सनातनी' स्टिकर
Courtesy: Social Media

Kanwar Yatra: कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने एक अनूठी पहल शुरू की है. संगठन ने कांवड़ मार्गों पर स्थित रेस्तरां, भोजनालयों और किराने की दुकानों पर 'सनातनी' स्टिकर चिपकाना शुरू किया है, जो यह प्रमाणित करते हैं कि ये दुकानें केवल शाकाहारी भोजन बेचती हैं. यह कदम दिल्ली के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने घोषणा की थी कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर मांस की दुकानें बंद रहेंगी. हालांकि, दिल्ली नगर निगम (MCD) ने स्पष्ट किया कि उसके पास ऐसा कोई आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है.

VHP द्वारा चिपकाए जा रहे भगवा रंग के स्टिकर पर ऊपर 'गर्व से कहो हम हिंदू हैं' और नीचे 'सनातनी व्यापारिक संस्थान' लिखा है. ये स्टिकर उन दुकानों पर लगाए जा रहे हैं, जो सनातन धर्म के पारंपरिक मूल्यों का पालन करते हुए केवल शाकाहारी भोजन उपलब्ध कराती हैं. VHP के राज्य महासचिव सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के 30 जिलों में से प्रत्येक में 5,000 दुकानों पर स्टिकर चिपकाने के लिए टीमें गठित की गई हैं. उन्होंने कहा, "यह दुकानदारों की इच्छा पर निर्भर है कि वे स्टिकर लगाना चाहते हैं या नहीं." 

सनातनी मूल्यों की शुद्धता की जांच

VHP की टीमें दुकानों पर स्टिकर लगाने से पहले यह सुनिश्चित करती हैं कि वहां बिकने वाला भोजन सनातनी मूल्यों के अनुरूप हो. गुप्ता ने कहा, 'शिव भक्त एक कठिन और पवित्र तीर्थयात्रा पर होते हैं. वे अपने गंगाजल के बर्तन भी जमीन पर नहीं रखते. ऐसे में, उनके लिए यह जरूरी है कि वे जो खाद्य पदार्थ खरीदें, वह सनातन धर्म की शुद्धता के अनुरूप हो.' इसके लिए VHP दुकानदारों से भोजन की शुद्धता का स्वैच्छिक प्रमाणीकरण मांग रही है. साथ ही, कांवड़ियों में जागरूकता फैलाई जा रही है कि वे केवल 'सनातनी' स्टिकर वाली दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें.

कांवड़ यात्रा और शाकाहारी शिविर

कांवड़ यात्रा, जो 11 जुलाई 2025 को शुरू हुई, के दौरान लाखों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं. दिल्ली में अगले कुछ दिनों में भारी संख्या में कांवड़िए पहुँचने की उम्मीद है, विशेष रूप से 23 जुलाई को जलाभिषेक के समय से पहले. ज्यादातर कांवड़िए मार्ग पर समितियों द्वारा लगाए गए शिविरों में भोजन करते हैं, लेकिन कई लोग दुकानों और भोजनालयों से भी खाद्य सामग्री खरीदते हैं. VHP की यह पहल सुनिश्चित करती है कि कांवड़ियों को उनकी धार्मिक भावनाओं के अनुरूप शाकाहारी भोजन ही मिले.

VHP की जमीनी टीमें अल्पसंख्यक समुदायों द्वारा संचालित दुकानों को इस प्रमाणीकरण से बाहर रख रही हैं. गुप्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि यह पहल सनातन धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखकर की गई है, ताकि उनकी तीर्थयात्रा 'भ्रष्ट' न हो. उन्होंने कहा, 'हमारा उद्देश्य कांवड़ियों को शुद्ध और पवित्र भोजन उपलब्ध कराना है, जो उनकी आस्था के अनुरूप हो.'

यात्रा के बाद भी जारी रहेगा प्रमाणन

VHP ने स्पष्ट किया कि यह पहल कांवड़ यात्रा तक सीमित नहीं रहेगी. गुप्ता ने कहा, "यात्रा समाप्त होने के बाद भी हम 'सनातनी' दुकानों का प्रमाणन जारी रखेंगे. हम ऐसी सभी दुकानों की एक विस्तृत सूची तैयार करेंगे और उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान करेंगे." यह कदम सनातन धर्म के मूल्यों को बढ़ावा देने और शाकाहारी व्यापारिक संस्थानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है.