Kanpur Siddhnath Temple: काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बाद अब कानपुर (Kanpur) में भी एक नया कॉरिडोर बनने की तैयारी की जा रही है. कानपुर के जाजमऊ में भगवान भोलेनाथ का सिद्धनाथ मंदिर (Siddhanth Temple) है. इस दूसरी काशी भी कहा जाता है. अब इसी सिद्धनाथ मंदिर का कॉरिडोर बनाया जाएगा. इसके निर्माण को लेकर कानपुर नगर निगम ने कमर कस ली है. पहले चरण की प्लानिंग भी कर ली गई है.
पहले चरण में मंदिर के आसपास के क्षेत्र को विकसित किया जाएगा. घाटों की साफ सफाई साथ-साथ पार्किंग, दुकानों के लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है. कॉरिडोर निर्माण के लिए अधिकारियों के साथ मीटिंग हो गई है और निर्माण कार्य को जनवरी तक शुरू करने के आदेश भी दे दिए गए हैं.
बाबा विश्वनाथ के बाद कानपुर के सिद्धनाथ मंदिर का कॉरिडोर बनने को लेकर भक्तों में काफी खुशी का माहौल है. प्लान के मुताबिक दूसरे चरण में मंदिर में जाने वाले रास्तों का निर्माण, मंदिर तक पहुंचने वाले रास्तों को फोरलेन करने के साथ-साथ मुख्य द्वार का सुंदरीकरण शामिल है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, कानपुर के भगवान भोलेनाथ के सिद्धनाथ मंदिर के बारे में कहा जाता है कि अगर यहां हो रहे यज्ञ में कौवा हड्डी ना फेंकता तो इस स्थान को भी काशी कहा जाता. मोक्ष दायिनी मां गंगा के तट पर स्थित इस मंदिर का इतिहास त्रेता युग का है. यहां पर स्थित शिवलिंग के बारे में कहा जाता है कि राजा ययाति के राज्य में ये शिवलिंग खुदाई में प्राप्त हुआ था. इस मंदिर को द्वितीय काशी का दर्जा प्राप्त है.