Kailash Manasarovar Yatra First Batch: शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा, पहले बैच को मिली हरी झंडी; 5 साल बाद मिली अनुमति
Kailash Mansarovar Yatra First Batch: पांच साल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है, जो धार्मिक पर्यटन के लिए मील का पत्थर साबित होगी.
Kailash Mansarovar Yatra First Batch: पांच साल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है, जो धार्मिक पर्यटन के लिए मील का पत्थर साबित होगी. शुक्रवार को केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू भवन में एक औपचारिक प्रोग्राम आयोजित किया गया जिसमें तीर्थयात्रियों के पहले बैच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया.
मंत्री मार्गेरिटा ने सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और सुखद यात्रा की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने यात्रा को फिर से शुरू करने में रक्षा और गृह मंत्रालय, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), दिल्ली, उत्तराखंड और सिक्किम की राज्य सरकारों के साथ-साथ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) सहित कई विभागों और मंत्रालयों के महत्वपूर्ण प्रयासों को भी स्वीकार किया.
Also Read
- Aaj Ka Mausam: अगले 24 घंटे में दिल्ली-यूपी समेत कई राज्यों में जमकर बरसेंगे बादल, आंधी-तूफान का अलर्ट जारी
- 15 साल बाद हुआ था मिलन, विमान हादसे में पति-पत्नी, दोनों बच्चों की मौत; दिल की रोगी मां को नहीं दी मौत की खबर
- 'इसलिए बच गए क्योंकि...', बीजे मेडिकल कॉलेज के छात्रों और स्टाफ ने बयां किया एयर इंडिया विमान हादसे का खौफनाक मंजर
महामारी के बाद पहली यात्रा:
भारत ने अप्रैल में जून 2025 से कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने की घोषणा की. कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से यह पवित्र स्थल की पहली तीर्थयात्रा है, जिसके कारण 2020 में इसे स्थगित कर दिया गया था.
सोमवार को, गृह मंत्रालय ने नाथू ला (सिक्किम) और लिपुलेख ला (गुंजी, उत्तराखंड) को टेम्पररी इमिग्रेशन चेक-पोस्ट बनाया, जिससे तीर्थयात्री किसी भी मार्ग से भारत में प्रवेश कर सकें और बाहर निकल सकें. बता दें कि यह तीर्थयात्रा केवल वैध पासपोर्ट वाले भारतीय नागरिकों के लिए खुली है जो आध्यात्मिक और धार्मिक कारणों से यात्रा करते हैं.