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'शाही शौक' वाले BSNL डायरेक्टर पर गिरी गाज, अंडरगार्मेंट्स- हेयर ऑयल के लिए 50 कर्मचारियों की ड्यूटी देख भड़के मंत्री सिंधिया

BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल को केंद्रीय कम्युनिकेशन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. जिसमें प्रयागराज ट्रिप से जुड़े सवाल किए गए हैं.

X (@YTKDIndia, ANI)
Shanu Sharma

केंद्रीय कम्युनिकेशन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. मिल रही जानकारी के मुताबिक यह नोटिस उनके प्रयागराज दौरे के लिए बड़े इंतज़ामों की डिटेल्स वाले ऑफिस ऑर्डर के सामने आने के बाद आया है.

सिंधिया ने इस मामले पर अधिकारी से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा है. साथ ही उन्होंने इस मामले को 'गलत' बताते हुए कहा कि यह मुझे मंज़ूर नहीं है. डायरेक्टर को पहले ही सात दिन के जवाब देने के समय के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है.

क्या है BSNL डायरेक्टर मामला?

बता दें कि यह पूरा मामला चर्चे में तब आया जब बंजल के 25-26 फरवरी के प्रयागराज दौरे से जुड़ा एक ऑर्डर सोशल मीडिाय पर वायरल हो गया. इस ऑर्डर में लगभग 50 अलग-अलग अधिकारियों को अलग-अलग इंतजाम करने की जिम्मेदारी दी गई थी. जिसमें कार्यक्रम में आने से लेकर मंदिर भ्रमण, संगम में डुबकी और कई डिटेल्स थे. इतना ही नहीं इस ऑर्डर में कई पर्सनल इंस्ट्रक्शन दिए गए थे. जिसमें अंडरगारमेंट्स, चप्पलें, कंघी, शीशे और तेल की बोतलें रखने के लिए 'बाथ किट' का इंतजाम करना शामिल था. हालांकि बाद में अधिकारियों द्वारा यह बताया गया कि इस ट्रीप को कैंसिल कर दिया गया था. 

BSNL अधिकारी के खिलाफ जांच जारी

प्रयागराज में मौजूद एक सीनियर BSNL अधिकारी ने इसे ऑर्गनाइजेशन की इमेज खराब करने की कोशिश बताई है. हालांकि इस मामले पर अभी तक कोई भी स्पष्ट जानकारी निकलर सामने नहीं आई है. हालांकि 21 फरवरी को पोस्ट किए गए एक स्टेटमेंट में, BSNL ने कहा कि ऑफिशियल विजि को कैसे हैंडल किया जाना चाहिए, इस बारे में पहले से ही स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन मौजूद हैं.

हाालंकि पोस्ट में बताया गया कि संबंधित अधिकारी के खिलाफ जांच शुरु कर दी गई है. बता दें कि विवेक बंजल 1987 बैच  के सर्विस ऑफिसर है. जिन्हें इस नेटवर्क को मैनेज करने का लगभग 34 सालों का अनुभव है. सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच तेज बहस छिड़ी हुई है. कुछ लोग इसे जनता के कैश पर ऐश बताया है. वहीं कुछ ने इसे अधिकारी के मेहनत का नतीजा बताया है.