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जंतर मंतर प्रदर्शन के बाद नड्डा की कार्यकर्ताओं से मुलाकात, आंदोलन का नाम न लेने पर उठा बड़ा सवाल

21 अगस्त के जंतर मंतर प्रदर्शन के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आरक्षण सुधार की मांग करने वाले हर्ष दुबे, रण बहादुर सिंह चौहान और मृत्युंजय पाठक समेत कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. बैठक के बाद CJP के अभिजीत दीपके ने सवाल उठाया कि नड्डा ने आंदोलन का नाम क्यों नहीं लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं.

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Edited By: Babli Rautela
जंतर मंतर प्रदर्शन के बाद नड्डा की कार्यकर्ताओं से मुलाकात, आंदोलन का नाम न लेने पर उठा बड़ा सवाल
Courtesy: AI

Reservation Reform: आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे अभियान के बीच केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को आरक्षण सुधार कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. यह बैठक 21 अगस्त को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के कुछ दिनों बाद हुई, जहां अनारक्षित वर्ग से जुड़े हजारों लोगों ने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और समान अवसर की मांग उठाई थी.

प्रतिनिधिमंडल में NEET की तैयारी कर रहे हर्ष दुबे के अलावा रण बहादुर सिंह चौहान और मृत्युंजय पाठक समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल थे. बैठक के बाद नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी और कहा कि प्रतिनिधिमंडल के साथ अच्छी बातचीत हुई. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे पर जल्द ही एक और बैठक होगी.

नड्डा ने X पर क्या कहा?

जेपी नड्डा ने अपनी पोस्ट में बताया कि 21 अगस्त को जंतर मंतर पर हुए आंदोलन के बाद पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार हर्ष दुबे, रण बहादुर सिंह चौहान, मृत्युंजय पाठक और उनकी टीम के सदस्यों के साथ बातचीत हुई. उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में जल्द ही फिर मुलाकात होगी. हालांकि, नड्डा ने अपनी पोस्ट में न तो आंदोलन का नाम बताया और न ही बैठक के दौरान उठाई गई मांगों या सरकार की ओर से किसी संभावित आश्वासन के बारे में विस्तार से जानकारी दी. यही बात अब चर्चा का विषय बन गई है.

JP Nadda Meets Reservation Reform Activists - India Daily
JP Nadda Meets Reservation Reform Activists - India Daily

CJP के अभिजीत दीपके ने उठाया सवाल

नड्डा की पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने सवाल किया कि केंद्रीय मंत्री ने 21 अगस्त के आंदोलन का नाम क्यों नहीं लिया. दीपके ने X पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश यह जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं. उन्होंने पूछा कि जिस आंदोलन के बाद यह बैठक हुई, उसके बारे में केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट रूप से जानकारी क्यों नहीं दी. दीपके की इस प्रतिक्रिया ने आरक्षण सुधार को लेकर चल रही बहस को और चर्चा में ला दिया है.

21 अगस्त को नई दिल्ली के जंतर मंतर पर अनारक्षित वर्ग से जुड़े हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया था. यह प्रदर्शन कई सप्ताह से सोशल मीडिया पर चल रहे अभियान के बाद हुआ था. प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग उठाई. कई प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सकारात्मक कार्रवाई यानी affirmative action के लाभों को आर्थिक स्थिति जैसे अन्य मानकों से भी जोड़ा जाना चाहिए. प्रदर्शन के दौरान UGC के इक्विटी नियमों को लेकर भी आपत्तियां उठाई गईं. इन नियमों पर फिलहाल रोक लगी हुई है. प्रदर्शन में जनरल सेना, चाणक्य सेना और श्री राजपूत करणी सेना जैसे संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल हुए थे.