नई दिल्ली: अगर आज लोकसभा चुनाव होते हैं तो केंद्र की सत्ता में NDA की वापसी का अनुमान है, लेकिन पिछले छह महीनों में उसके समर्थन में कुछ कमी दिखाई दी है. India Today-CVoter के Mood of the Nation सर्वे के अनुसार NDA को 326 सीटें मिल सकती हैं. जनवरी के सर्वे में यह आंकड़ा 352 था. BJP का अनुमान भी 287 से घटकर 261 सीटों पर आ गया है. हालांकि विपक्षी INDIA ब्लॉक में बढ़त सीमित दिख रही है.
अगस्त 2026 के सर्वे में NDA को 326 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है. जनवरी में हुए पिछले सर्वे में गठबंधन को 352 सीटें मिलने की संभावना जताई गई थी. यानी छह महीनों में अनुमानित आंकड़े में 26 सीटों की कमी आई है. इसके बावजूद NDA बहुमत के आंकड़े से काफी आगे बना हुआ है. सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि सत्ता के प्रति मतदाताओं का समर्थन पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है.
पार्टीवार आंकड़ों पर नजर डालें तो BJP को 261 सीटें मिलने का अनुमान है. जनवरी के सर्वे में पार्टी के लिए 287 सीटों का अनुमान लगाया गया था. इस तरह BJP के अनुमानित प्रदर्शन में 26 सीटों की गिरावट हुई है. हालांकि यह आंकड़ा 2024 के वास्तविक चुनावी प्रदर्शन और मौजूदा राजनीतिक माहौल के बीच तुलना के लिए अलग संदर्भ में देखा जाना चाहिए. सर्वे में BJP के समर्थन में हल्की कमी का संकेत जरूर मिलता है.
विपक्षी INDIA ब्लॉक के लिए अगस्त का अनुमान 185 सीटों का है. जनवरी के सर्वे में गठबंधन को 182 सीटें मिलने का अनुमान था. यानी छह महीने में केवल तीन सीटों का सुधार दिखा है. वहीं Congress के प्रदर्शन में उल्लेखनीय बढ़त का अनुमान लगाया गया है. पार्टी को 106 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा 80 सीटों का था.
2024 के लोकसभा चुनाव में INDIA ब्लॉक ने 234 सीटें जीती थीं, जो 2014 के बाद NDA को सबसे मजबूत चुनौती थी. मौजूदा सर्वे में गठबंधन का अनुमान इससे काफी कम है. वहीं NDA का 326 सीटों का अनुमान बहुमत से ऊपर है. इसका मतलब है कि विपक्ष को कुछ बढ़त मिलने के बावजूद वह अभी सत्ता परिवर्तन की स्थिति में दिखाई नहीं देता.
Mood of the Nation सर्वे का अगस्त 2026 संस्करण CVoter ने तैयार किया है. इसमें 1 जुलाई से 25 अगस्त के बीच 25,184 लोगों से सीधे बातचीत की गई. इसके अलावा पिछले छह महीनों में CVoter की नियमित ट्रैकिंग के दौरान किए गए 91,795 इंटरव्यू के आंकड़ों को भी शामिल किया गया. सर्वे के आंकड़े मौजूदा राजनीतिक रुझान का संकेत देते हैं, इन्हें चुनाव परिणाम की निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता.