नोएडा में स्वाइन फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. बुधवार को 20 नए मरीजों में संक्रमण मिला. पिछले सात दिनों में 140 लोग संक्रमित हो चुके हैं. हालांकि, अभी किसी मरीज की हालत गंभीर नहीं है. फ्लू जैसे लक्षणों वाले 300 से अधिक लोग रोज अस्पताल पहुंच रहे हैं.
नोएडा में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है. बुधवार को 20 नए मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद एक सप्ताह में कुल संक्रमितों की संख्या 140 हो गई. सभी मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है और फिलहाल किसी की हालत गंभीर नहीं बताई गई है. ज्यादातर लोगों में सामान्य लक्षण हैं. इस बीच रोजाना 300 से ज्यादा मरीज बुखार, सर्दी और जुकाम जैसी शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे मरीजों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संक्रमित मरीजों में अभी गंभीर लक्षण नहीं हैं और कई लोग घर पर रहकर इलाज करा रहे हैं. मरीजों को अलग कमरे में रहने की सलाह दी जा रही है, ताकि संक्रमण परिवार के दूसरे सदस्यों तक न पहुंचे. स्वास्थ्य विभाग की टीमें पॉजिटिव मरीजों पर लगातार नजर रख रही हैं. मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 76 बेड स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए रिजर्व किए गए हैं. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने कहा कि संक्रमण मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है और डॉक्टर लक्षणों के अनुसार इलाज कर रहे हैं.
सीएमओ ने लोगों से अपील की है कि सर्दी-जुकाम या फ्लू जैसे लक्षण होने पर मास्क का इस्तेमाल करें और दूसरों से दूरी रखते हुए सावधानी बरतें. स्वास्थ्य विभाग ने नोएडा के निजी अस्पतालों और लैब को पॉजिटिव मरीजों की जानकारी रोज उपलब्ध कराने को कहा है. अधिकारियों के मुताबिक, इस डेटा से जिले में संक्रमण की स्थिति पर नजर रखने में मदद मिल रही है. अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है.
आम लक्षण: बुखार या ठंड लगना (अक्सर तेज और अचानक), खांसी (आमतौर पर सूखी और लगातार), गले में खराश, नाक बहना या बंद नाक, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, थकान और बहुत ज़्यादा कमजोरी, उल्टी या दस्त (आम फ्लू की तुलना में ज़्यादा आम, खासकर बच्चों में).
गंभीर बीमारी के चेतावनी वाले संकेत: सांस लेने में परेशानी या सांस फूलना, छाती में दर्द या दबाव महसूस होना, अचानक चक्कर आना, उलझन होना या जागने में दिक्कत होना, होंठ या चेहरे का रंग नीला पड़ना.