नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 131वें संस्करण में तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता को उनकी जयंती से पहले भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी. 24 फरवरी को उनकी जन्मतिथि के अवसर पर पीएम ने उनके सार्वजनिक जीवन और समाज कल्याण के लिए किए गए कार्यों को याद किया. उन्होंने कहा कि जो नेता जनसेवा को सर्वोपरि रखते हैं, वे हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहते हैं, और जयललिता ऐसी ही लोकप्रिय नेता थीं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि जयललिता ने अपने कार्यकाल में जनता की भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी. उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के हित में कई योजनाएं शुरू कीं. ‘नारी शक्ति’ के साथ उनका जुड़ाव उल्लेखनीय रहा. माताओं, बहनों और बेटियों के कल्याण के लिए उनके प्रयासों को आज भी सराहा जाता है.
पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि जयललिता ने अपने शासनकाल में राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए. उनका प्रशासनिक दृष्टिकोण स्पष्ट और निर्णायक था. उन्होंने शासन को प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए.
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके साथ हुई हर मुलाकात और बातचीत आज भी उनकी स्मृतियों में ताजा है. उन्होंने याद किया कि 2002 और 2012 में गुजरात में उनके शपथ ग्रहण समारोह में जयललिता शामिल हुई थीं. जब दोनों अपने-अपने राज्यों के मुख्यमंत्री थे, तब वे सुशासन सहित कई मुद्दों पर चर्चा करते थे.
पीएम मोदी ने कहा कि जयललिता के व्यक्तित्व में गहरी राष्ट्रभक्ति झलकती थी. उन्हें भारत की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व था. उन्होंने एक पुरानी याद साझा करते हुए बताया कि पोंगल के अवसर पर जयललिता ने उन्हें दोपहर भोज के लिए आमंत्रित किया था, जो उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है.