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आतंकियों को पनाह देने वाले 9 लोग गिरफ्तार, जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिली बड़ी सफलता

Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर पुलिस को आतंकी नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी सफलता हाथ लगी है. कठुआ पुलिस ने हाल ही में हुई घुसपैठ में आतंकियों की मदद करने वाले लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए लोग आंतकियों के कई प्रकार से मदद करने का काम करते थे.

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आतंकियों को पनाह देने वाले 9 लोग गिरफ्तार, जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिली बड़ी सफलता
Courtesy: Social Media

Jammu Kashmir: जम्मू कश्मीर की कठुआ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. कठुआ पुलिस ने आतंकवाद संबंधी गतिविधियों में शामिल 9 लोगों को अरेस्ट किया है. पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि कठुआ-बानी किश्तबाड़ क्षेत्र में चार जवानों की हत्या और अन्य आतंकी गतिविधियों के संबंध में शामिल नौ आतंकवादी सहयोगियों को अरेस्ट किया गया है. 

पुलिस ने बताया कि डोडा, कठुआ और ऊधमपुर में पुलिस जांच कर रही थी. इन आतंकियों ने हाल ही में कई जगह घुसुपैठ की थी. आतंकियों को मदद पहुंचाने के लिए हमलावरों का एक मॉड्यूल काम कर रहा था. यह आतंकियों के रहने, खाने और ठहरने की व्यवस्था कर रहा था. 

आतंकियों की मदद 

पुलिस ने इस समूह के सरगना के रूप में एक शख्स की पहचान नाम मोहम्मद लतीफ पुत्र स्वर्गीय मीर निवासी अमबे जिला कठुआ के रूप में की है. यही मुख्य सरगना था. इसके साथ अन्य आठ लोग भी शामिल थे जो लगातार आतंकियों को मदद पहुंचा रहे थे. इसी मुख्य सगरना ने आतंकियों के लिए मददगारों का एक नेटवर्क तैयार किया. इसी ने दूसरों को गाइड के तौर पर यूज किया.  इन लोगों ने ही आतंकियों के खाने-पीने की मदद की व्यवस्था की थी. 

ये लोग हुए गिरफ्तार 

पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनकी पहचान अख्तर अली पुत्र स्वर्गीय राशिद रियो अम्बे नाल, तहसील और जिला कठुआ,  सद्दाम पुत्र स्वर्गीय बाजा रियो भद्दू बिलावर, जिला कठुआ, कुशल पुत्र स्वर्गीय बाजा निवासी भद्दू बिलावर, जिला कठुआ, नूरानी पुत्र स्वर्गीय मीर रियो जुथाना, पी/एस राजबाग, जिला कठुआ, मकबूल पुत्र मोहम्मद लतीफ निवासी सोफेन, जिला कठुआ, लियाकत पुत्र हाजी लतीफ, कासिम दीन पुत्र शाहीन दीनखादिम काजी पुत्र बाजा निवासी कट्टल, भडू, बिलावर के रूप में हुई है. 

नागरिकों से की पूछताछ 

पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के बाद कहा कि पशु चराने गए 50 नागरिकों से पूछताछ की गई. इन लोगों ने विदेशी आतंकियों के खाने-पीने में मदद और सूचना मुहैया कराई. इनमें कुछ लोगों ने पुलिस का सहयोग किया और बताया कि उन्हें आतंकियों से पैसे दिए गए थे. जिन लोगों ने पुलिस की जांच में सहायात की उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. वहीं, जिनके संबंध आतंकियों के साथ पाए गए उन्हें अरेस्ट कर लिया गया.