जम्मू-कश्मीर चुनाव: दिग्गजों का नाम गायब, मुस्लिम कैंडिडेट्स पर ज्यादा भरोसा; आखिर भाजपा ने क्यों वापस ली पहली लिस्ट?

जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी पहली लिस्ट वापस ले ली है. कुछ ही घंटे पहले पार्टी ने 44 कैंडिडेट वाली अपनी पहली लिस्ट जारी की थी. 90 सदस्यों वाली जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए चुनाव तीन चरणों में (18 सितंबर, 25 सितंबर और 1 अक्टूबर) होने हैं. नतीजे 4 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे. एक दिन पहले ही भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक हुई थी. 

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जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए जारी अपनी 44 कैंडिडेट्स वाली लिस्ट को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने वापस ले लिया है. भाजपा की पहली लिस्ट सोमवार यानी आज सुबह जारी की गई थी. एक दिन पहले ही भाजपा ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर बैठक की थी. रविवार को दिल्ली में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई थी. अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर भाजपा ने पहली लिस्ट को क्यों वापस लिया? आइए, इसे समझने की कोशिश करते हैं. हालांकि, पहली लिस्ट के वापस लिए जाने को लेकर भाजपा की ओर से कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट सामने नहीं आया है. 

राजनीतिक जानकारों की मानें तो पहली लिस्ट के जारी होने और इसे कुछ ही घंटे बाद वापस लेने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं. इनमें ये कारण हो सकता है कि पहली लिस्ट में कश्मीरी पंडितों के बजाए मुस्लिम उम्मीदवारों पर ज्यादा भरोसा जताया गया था. इसके अलावा, पहली लिस्ट में भाजपा ने 44 में से 14 मुस्लिम कैंडिडेट्स को अपना उम्मीदवार बनाया था, जबकि लिस्ट में सिर्फ दो कश्मीरी पंडितों को शामिल किया गया था. इसके अलावा, लिस्ट से जम्मू-कश्मीर भाजपा के दिग्गज नेताओं का भी नाम गायब था.

भाजपा की लिस्ट में थे ये 14 मुस्लिम कैंडिडेट्स

भाजपा की पहली लिस्ट में जिन मुस्लिम कैंडिडेट्स को शामिल किया गया था, उनमें पांपोर से सैयद शौकत मयूर अंद्राबी, राजपोरा से अर्शीद भट्ट, शोपियां से जावेद अहमद कादरी, अनंतनाग वेस्ट से मोहम्मद रफीक वानी, अनंतनाग से सैयद वजाहत, श्रीगुफवाड़ा बिजबेहरा से सोफी यूसुफ, इन्दरवल से तारिक कीन, बनिहाल से सलीम भट्ट और गुलाबगढ़ से मोहम्मद अकरम चौधरी शामिल थे. 

इसके अलावा, बुधल से चौधरी जुल्फीकार अली, थन्नामंडी से मोहम्मद इकबाल मलिक, सुरनकोटे से सैयद मुश्ताक अहमद बुखारी, पुंछ हवेली से चौधरी अब्दुल गनी, मेंढर से मुर्तजा खान को भी भाजपा ने अपना कैंडिडेट बनाया था. भाजपा के 14 मुस्लिम कैंडिडेट्स में से 8 मुस्लिम बहुल इलाके से थे.  भाजपा ने जिन दो कश्मीरी पंडितों को अपना उम्मीदवार बनाया था, उनमें शंगस-अनंतनाग पूर्व से वीर सराफ और हब्बाकदल से अशोक भट्ट शामिल थे.

भाजपा की पहली लिस्ट से ये दिग्गज नाम थे गायब

भाजपा की पहली लिस्ट से जम्मू कश्मीर भाजपा के दिग्गजों के नाम गायब थे. इनमें पूर्व डिप्टी सीएम और जम्मू-कश्मीर विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. निर्मल सिंह का नाम भी शामिल था. आखिर बार 2014 में जब जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराए गए थे, तब निर्मल सिंह ने बिलावर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी. 

भाजपा ने एक दशक बाद हो रहे विधानसभा चुनाव के लिए निर्मल सिंह की जगह सतीश शर्मा को बिलावर विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बना दिया. निर्मल सिंह के अलावा, जम्मू कश्मीर भाजपा के बड़े नेता और पूर्व डिप्टी सीएम कविंद्र गुप्ता को भी पार्टी ने टिकट नहीं दिया था. इसके अलावा, जम्मू कश्मीर भाजपा के अध्यक्ष रवींद्र रैना का भी नाम भाजपा की पहली लिस्ट में नहीं था. 

2014 में कराए गए थे आखिरी बार विधानसभा चुनाव

भाजपा ने पहले फेज के लिए 15, दूसरे चरण के लिए 10 और तीसरे फेज के लिए 19 कैंडिडेट्स के नामों का ऐलान किया था. जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं. पहले फेज में 24, दूसरे फेज में 26 और तीसरे फेज में 40 सीटों पर वोटिंग होगी. जम्मू-कश्मीर में आखिरी बार 2014 में विधानसभा चुनाव कराए गए थे. 2018 में पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से भाजपा ने समर्थन वापस ले लिया था, जिसके बाद विधानसभा भंग कर दी गई थी.