दिल्ली में 1100 पेड़ों को अवैध रूप से काटे जाने के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) लगातार दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना को घेर रही है. अब दिल्ली सरकार के मंत्री और AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा है कि वह दिल्ली के उपराज्यपाल को बहस का न्योता दे रहे हैं. AAP ने आरोप लगाए हैं कि सभी बड़े अधिकारी मिलकर उपराज्यपाल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि इन सबको पता था कि पेड़ काटे जा रहे हैं. सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि एलजी साहब आप एलजी हाउस की दीवारों के पीछे छिपिए और अपने हिसाब से जगह और समय तय करके इस पर बहस कर लीजिए.
सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि इन जंगलों में अगर एक भी पेड़ कटेगा तो उसकी परमिशन ली जाएगी. ट्री ऑफिसर की परमिशन ली जाएगी. ना ट्री ऑफिसर की परमिशन है, ना सुप्रीम कोर्ट की परमिशन है. डीडीए को मालूम है. चीफ इंजीनियर को मालूम है. वन विभाग को मालूम है. एलजी को मालूम है और एलजी के आदेश पर ये पेड़ काटे गए. मैं एलजी साहब को निमंत्रण दे रहा हूं कि आइए जगह भी आपकी, समय भी आपकी और तारीख भी आपकी. आइए बहस करिए, एलजी हाउस की दीवारों के पीछे छुपिए मत. दिल्ली की चुनी हुई सरकार आपसे सवाल पूछ रही है.'
#WATCH | Delhi Minister & AAP leader Saurabh Bhardwaj says, "I invite LG, the place is yours, the time is yours, come and debate on this issue, don't hide behind the walls of LG House. You misled Delhi and the court and you got caught. He got the trees cut knowingly. He thought… pic.twitter.com/BcMbglSmwk
— ANI (@ANI) August 26, 2024Also Read
उन्होंने आगे कहा, 'आपने जो चोरी की वो पकड़ी गई. आपने दिल्ली को गुमराह किया आप पकड़े गए. आपने कोर्ट को गुमराह किया आप पकड़े गए. आज बीजेपी और विनय सक्सेना दोनों दिल्ली के सामने एक्सपोज हो गए. इन्होंने जानते-बूझते पेड़ कटवाए और इनको लगा कि कौन क्या कर लेगा हमारा. अफसरों की हिम्मत नहीं है कि वे कह दें कि यह तो गैरकानूनी काम है. सब अधिकारी एलजी साहब के साथ थे. टॉप ब्यूरोक्रेसी उनके साथ थी लेकिन किसी की हिम्मत नहीं थी कि वे एलजी को कह दें कि गैरकानूनी तरीके से पेड़ नहीं कटेंगे.'
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक लगाए जाने के बावूजद दिल्ली के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित रिज में पेड़ काटे गए. इसी केस में सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई थी. साथ ही, दिल्ली विकास प्राधिकरण को भी जमकर लताड़ा था. इसी को लेकर आम आदमी पार्टी लगातार हमले बोल रही है और दिल्ली के उपराज्यपाल पर आरोप लगा रही है कि उनकी सहमति से और उनकी निगरानी में पेड़ काटे गए. इतना ही नहीं, AAP का कहना है कि उपराज्यपाल घटनास्थल पर भी गए थे और उनके जाने के बाद वहां से पेड़ काटने के सबूत भी मिटाए गए.