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India Daily

जम्मू-कश्मीर को वापस मिलेगा राज्य का दर्जा! पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद अटकलें तेज

जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा मिलने की अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति से हालिया मुलाकातों ने इन अटकलों को और हवा दी है, खासकर जब ये बातचीत 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने की वर्षगांठ से ठीक पहले हुई है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
जम्मू-कश्मीर को वापस मिलेगा राज्य का दर्जा! पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद अटकलें तेज
Courtesy: web

राजधानी दिल्ली में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही हाई-लेवल मुलाकातों ने जम्मू-कश्मीर को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज कर दी है. प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह की राष्ट्रपति से अलग-अलग मुलाकात, और फिर जम्मू-कश्मीर के नेताओं से बातचीत, ये घटनाएं संकेत दे रही हैं कि कुछ बड़ा ऐलान हो सकता है. सवाल उठ रहा है कि क्या जम्मू-कश्मीर को जल्द ही दोबारा राज्य का दर्जा मिल सकता है?

3 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की. इस बैठक के बाद किसी भी प्रकार की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई, जो आमतौर पर PIB के ज़रिए जारी की जाती है. इसी दिन कुछ घंटों बाद गृह मंत्री अमित शाह ने भी राष्ट्रपति से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की. इन बैठकों की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है क्योंकि यह सब कुछ 5 अगस्त से ठीक पहले हुआ है, जिस दिन 2019 में अनुच्छेद 370 हटाया गया था.

नेताओं और संगठनों के साथ मंथन

अमित शाह ने न सिर्फ राष्ट्रपति से मुलाकात की बल्कि जम्मू-कश्मीर बीजेपी के अध्यक्ष सतीश शर्मा, लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता और ऑल जम्मू एंड कश्मीर शिया एसोसिएशन के अध्यक्ष इमरान रज़ा अंसारी के साथ भी अहम बैठकें कीं. इन बैठकों में केंद्र शासित प्रदेश की ज़मीनी हकीकत, लोगों की अपेक्षाएं और भावी रणनीतियों पर चर्चा हुई.

सोशल मीडिया और विशेषज्ञों की अटकलें

दिल्ली की इन बैठकों ने सोशल मीडिया पर भी तूफान ला दिया है. कई लोगों ने कयास लगाए कि सरकार जल्द ही कोई विधेयक ला सकती है, जिससे जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा मिल सके. सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल कंवल जीत सिंह ढिल्लों ने ट्वीट किया, "कश्मीर में शांति बड़ी कुर्बानियों के बाद आई है. अब जब स्थिरता की प्रक्रिया चल रही है, तो हमें जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए."

कब मिलेगा राज्य का दर्जा?

2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के साथ जम्मू-कश्मीर को लद्दाख से अलग कर दो केंद्र शासित प्रदेशों में बाँटा गया था. इसके बाद विधानसभा भंग कर दी गई और पूरा प्रशासन केंद्र के नियंत्रण में चला गया. हालांकि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री कई बार कह चुके हैं कि राज्य का दर्जा वापस दिया जाएगा, लेकिन अभी तक कोई तय समय-सीमा सामने नहीं आई है. सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2023 में सरकार को निर्देश दिया था कि राज्य का दर्जा "जल्द से जल्द" बहाल किया जाए. मगर अभी तक कोई ठोस घोषणा नहीं हुई है, जिससे इस मुद्दे पर असमंजस बना हुआ है.